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पंजाब के सरकारी बंगलों में कौन रह रहा है, सरकार जनता को जवाब दे: एस. आर. लद्धड़

चंडीगढ़, 28 सितंबर 2026:

भाजपा नेता एवं पूर्व IAS अधिकारी एस. आर. लद्धड़ ने चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित पंजाब सरकार के मंत्री आवासों में कथित रूप से अनधिकृत लोगों के रहने के मामले पर पंजाब सरकार से तत्काल और स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा कम से कम 11 सरकारी आवासों की सूची सार्वजनिक किए जाने के बाद यह मामला केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय नहीं रह गया है, बल्कि पंजाब की सरकारी संपत्ति, प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही का गंभीर प्रश्न बन गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार खैरा ने कई ऐसे व्यक्तियों के नाम और आवास नंबर बताए हैं, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे उन सरकारी मकानों में रह रहे हैं जो पंजाब के मंत्रियों अथवा अन्य सरकारी पदाधिकारियों को आवंटित हैं।

लद्धड़ ने कहा कि पंजाब की जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि उसके पैसे से बने और पंजाब सरकार के स्वामित्व वाले इन सरकारी बंगलों में वास्तव में कौन रह रहा है। ये पंजाब की जनता की संपत्ति हैं, किसी दिल्ली के लालाजी की निजी जागीर नहीं।

उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में गायत्री बिश्नोई का सार्वजनिक बयान विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने स्वयं स्वीकार किया है कि वह अपने माता-पिता के साथ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को आवंटित सेक्टर-39 स्थित सरकारी आवास में रह रही हैं और उन्होंने कहा है कि उनके पिता के उपचार के कारण उन्हें वहां रहने की सुविधा दी गई। उन्होंने इसे मंत्री की ओर से दी गई सहायता बताया है।

लद्धड़ ने कहा कि अब सरकार को किसी राजनीतिक बयानबाजी के बजाय सीधे रिकॉर्ड के आधार पर इन सवालों का जवाब देना चाहिए—

1. सेक्टर-39 स्थित संबंधित सरकारी आवास किस व्यक्ति को आधिकारिक रूप से आवंटित है?
2. उस आवास में वर्तमान में कौन-कौन रह रहा है?
3. यदि आवंटी के अतिरिक्त कोई व्यक्ति वहां रह रहा है, तो किस अधिकार से रह रहा है?
4. उसे वहां रहने की अनुमति किस आधार पर और किस नियम के तहत दी गई?
5. किस सक्षम अधिकारी ने इसकी अनुमति दी?
6. क्या ऐसी अनुमति लिखित रूप में दी गई है? यदि हां, तो उसका रिकॉर्ड सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा?
7. सरकारी आवास का वास्तविक आवंटी कौन है और क्या वह स्वयं उस आवास में रह रहा है?
8. यदि कोई व्यक्ति अनधिकृत रूप से रह रहा है तो उसके विरुद्ध क्या कार्रवाई की जा रही है?
9. क्या अनधिकृत कब्जे की स्थिति में पेनल रेंट, बिजली, पानी एवं अन्य सरकारी खर्च की वसूली की जा रही है?
10. क्या सेक्टर-39 के सभी सरकारी बंगलों का हाउस-वाइज सत्यापन कराया गया है?

एस. आर. लद्धड़ ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को मानवीय अथवा चिकित्सकीय आधार पर सरकारी आवास में रहने की अनुमति दी गई है तो सरकार को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसी अनुमति देने का प्रावधान किस नियम में है और क्या वही सुविधा पंजाब के किसी सामान्य नागरिक को भी उपलब्ध है?

उन्होंने कहा कि किसी बीमार व्यक्ति की चिकित्सा अथवा मानवीय सहायता का प्रश्न अलग है, लेकिन सरकारी संपत्ति में रहने का अधिकार नियमों से तय होता है। इसलिए सरकार को भावनात्मक या राजनीतिक बहस के बजाय नियम और रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

लद्धड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मांग की कि सेक्टर-39 सहित चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के सभी सरकारी आवासों का तत्काल स्वतंत्र सत्यापन कराया जाए और प्रत्येक आवास के संबंध में आवंटी, वास्तविक कब्जाधारी, आवंटन का आधार, अनुमति देने वाले अधिकारी तथा किराए/पेनल रेंट की स्थिति सार्वजनिक की जाए।

उन्होंने कहा कि यदि विधायक सुखपाल सिंह खैरा द्वारा सार्वजनिक की गई सूची में लगाए गए आरोप गलत हैं तो सरकार को रिकॉर्ड सामने रखकर उन्हें गलत साबित करना चाहिए। और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो अनधिकृत कब्जे को तुरंत समाप्त कर सरकारी संपत्ति वापस ली जानी चाहिए।

लद्धड़ ने कहा, “पंजाब की जनता अपने सरकारी संसाधनों के बारे में सवाल पूछने का पूरा अधिकार रखती है। सरकारी बंगले किसी राजनीतिक दल, दिल्ली से आए नेताओं या किसी निजी राजनीतिक नेटवर्क की सुविधा के लिए नहीं हैं। जिस व्यक्ति के नाम पर सरकारी आवास आवंटित है, उसी के अधिकार और पात्रता का सम्मान होना चाहिए तथा किसी अन्य व्यक्ति के रहने के लिए स्पष्ट कानूनी एवं प्रशासनिक आधार होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि सरकारी आवासों का मामला पंजाब की स्वायत्त प्रशासनिक व्यवस्था और शासन में पारदर्शिता से भी जुड़ा है। यदि बाहरी राजनीतिक व्यक्तियों को पंजाब सरकार के सरकारी आवासों में रहने की सुविधा दी गई है, तो जनता को यह जानने का अधिकार है कि इसकी अनुमति किसने दी और किस नियम के तहत दी।

लद्धड़ ने कहा कि सरकार को सभी 11 कथित मामलों सहित पूरे सेक्टर-39 परिसर का तथ्यात्मक ऑडिट कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए। किसी व्यक्ति विशेष को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के बजाय सभी सरकारी आवासों की एक समान जांच होनी चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि “पंजाब के सरकारी बंगलों का हिसाब पंजाब की जनता को देना होगा। सरकारी संपत्ति का उपयोग नियमों के अनुसार होगा—किसी राजनीतिक प्रभाव, दिल्ली के दबाव या निजी कृपा के आधार पर नहीं।”

एस. आर. लद्धड़ IAS (सेवानिवृत्त)
भाजपा नेता, पंजाब

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