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वजन घटाने वाली दवाओं पर सख्ती, अब बिना डॉक्टर की सलाह नहीं मिलेगी

दिल्ली: आजकल तेजी से वजन घटाने की चाह में लोग शॉर्टकट तलाश रहे हैं और इसी बीच GLP-1 बेस्ड दवाएं मिरेकल ड्रग के रूप में पॉपुलर हो गई हैं लेकिन, इन दवाओं के बढ़ते गलत इस्तेमाल ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है भारत के ड्रग्स कंट्रोलर ने इन दवाओं की अनधिकृत बिक्री, भ्रामक प्रचार और बिना डॉक्टर की सलाह के इस्तेमाल पर सख्ती बढ़ा दी है बाजार में इनके कई जेनेरिक वर्जन आने के बाद ये आसानी से मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और वेलनेस क्लीनिकों के जरिए उपलब्ध हो रही थीं अब सरकार ने साफ कर दिया है कि मरीजों की सुरक्षा सबसे पहले है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. GLP-1 दवाएं मूल रूप से डायबिटीज के इलाज के लिए बनाई गई थीं, लेकिन इनका उपयोग वजन घटाने के लिए भी किया जाने लगा. ये दवाएं भूख कम करती हैं और शरीर में शुगर लेवल को कंट्रोल करती हैं हालांकि, बिना डॉक्टर की निगरानी के इनका इस्तेमाल करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है, जैसे उल्टी, पाचन समस्याएं, हार्ट संबंधी दिक्कतें और हार्मोनल असंतुलन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 मार्च 2026 को सभी दवा कंपनियों को सरोगेट विज्ञापन और इनडायरेक्ट प्रमोशन पर रोक लगाने का निर्देश दिया देशभर में 49 संस्थानों पर जांच और निरीक्षण किए गए, जिनमें ऑनलाइन फार्मेसी, थोक विक्रेता, रिटेल मेडिकल स्टोर और स्लिमिंग क्लीनिक शामिल हैं जहां गड़बड़ी मिली, वहां नोटिस जारी किए गए और कार्रवाई शुरू की गई सरकार ने साफ किया कि ये दवाएं केवल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ के प्रिस्क्रिप्शन पर ही दी जा सकती हैं

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