जालंधर, 25 जून।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सांपला ने कहा है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के कथित वीडियो से जुड़े फ़र्ज़ी फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट मामले में गुरुग्राम में दर्ज एफ.आई.आर. तथा हुई गिरफ्तारियों ने पंजाब सरकार और उसके प्रतिनिधियों द्वारा किए गए अनेक दावों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। श्री अकाल तख़्त साहिब के हुकमनामे को झूठा साबित करने के लिए कथित रूप से धन और प्रभाव का इस्तेमाल कर मनगढ़ंत फ़ॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाने की साज़िश का सामने आना अत्यंत गंभीर मामला है।
सांपला ने कहा कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल कानून और जांच प्रक्रिया के साथ धोखाधड़ी का मामला नहीं होगा, बल्कि सिख कौम की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख़्त साहिब की मर्यादा और सर्वोच्चता को ठेस पहुंचाने का एक सुनियोजित प्रयास भी माना जाएगा।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च और शाश्वत संस्था है तथा यहां से जारी होने वाले हुकमनामे समस्त सिख समुदाय के लिए सम्माननीय और मान्य होते हैं। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न आसीन हो, श्री अकाल तख़्त साहिब की मर्यादा से ऊपर नहीं हो सकता।
विजय सांपला ने कहा कि सिंह साहिबानों के आदेशों की अवहेलना करके और श्री अकाल तख़्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देकर भगवंत मान ने अपने राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी भूल की है। सिख इतिहास इस बात का साक्षी है कि जिन्होंने भी अहंकारवश श्री अकाल तख़्त साहिब से टकराने का प्रयास किया, उन्हें न तो पंथ में सम्मान मिला और न ही इतिहास ने उन्हें क्षमा किया।
उन्होंने कहा कि “विनाश काले विपरीत बुद्धि” की कहावत वर्तमान घटनाक्रम पर पूरी तरह लागू होती है। सत्ता के अहंकार में पंथक भावनाओं, धार्मिक मर्यादाओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को चुनौती देने वाली राजनीति का अंत निश्चित होता है। पंथ और पंजाब विरोधी सोच कभी भी जनता का विश्वास प्राप्त नहीं कर सकती।
सांपला ने कहा कि पंजाब की जनता और समस्त सिख संगत यह जानना चाहती है कि आखिर ऐसी कौन-सी आवश्यकता उत्पन्न हो गई थी कि एक धार्मिक और पंथक मामले में फ़ॉरेंसिक रिपोर्टों को प्रभावित करने के आरोप सामने आ रहे हैं। इसलिए पूरे मामले की सच्चाई सामने आना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने हरियाणा पुलिस से अपील की कि वह किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर निष्पक्ष, पारदर्शी और सख़्त जांच करे तथा सभी तथ्यों को जनता के सामने लाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अंत में विजय सांपला ने कहा कि भगवंत मान को अपनी गलती स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री पद से तत्काल इस्तीफ़ा देना चाहिए तथा श्री अकाल तख़्त साहिब के समक्ष नतमस्तक होकर सिख कौम से क्षमा मांगनी चाहिए। सिख कौम में सम्मान सत्ता से नहीं, बल्कि गुरु घर की मर्यादा के पालन से प्राप्त होता है।
इस अवसर पर पूर्व विधायक एवं प्रदेश उपाध्यक्ष के.डी. भंडारी, पूर्व विधायक शीतल अंगुराल, सरबजीत मक्कड़, वरिष्ठ भाजपा नेत्री करमजीत चौधरी, जिला महासचिव अशोक सरीन हिक्की, राजेश कपूर, अमरजीत सिंह गोल्डी, पूर्व जिला अध्यक्ष रमेश शर्मा, अमित तनेजा, दीवान अमित अरोड़ा, नरेश ठठाई, हिमांशु शर्मा, ललित बब्बू, गौरव राय सहित अन्य भाजपा नेता उपस्थित थे।