Sliderपंजाब

मन के निर्मल होते ही साधक को ईश्वर ढूंढने की जरूरत नहीं-नवजीत भारद्वाज*

जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
सिद्ध मां बगलामुखी धाम के प्रेरक प्रवक्ता नवजीत भारद्वाज जी ने दिव्य हवन यज्ञ पर उपस्थित प्रभु भक्तों को प्रभु के साथ कैसे जुडऩे कि व्याख्या कि अगर प्रभु को पाना है तो राग द्वेष को त्याग दो नहीं तो बार-बार जन्म मरण की चक्की में पिसते रहोगे। जब सारे जहान में तेरा (भगवान) ही पसारा है फिर कौन अपना कौन पराया। सबसे नि:स्वार्थ भाव से प्रेम करो, छल कपट रहित भक्ति से प्रभु शीघ्र ही प्रगट हो जाते है। नवजीत भारद्वाज जी ने संत कबीर जी का एक दोहे का अनुसरण अर्थात् सहित प्रभु भक्तों को समझाया कि *‘‘कबीरा मन निर्मल भया जैसे गंगा नीर, पाछे-पाछे हरि खिलै कहत कबीर-कबीर।।’’* जब व्यक्ति का मन गंगाजल की तरह निर्मल यानी पूरी तरह शुद्ध हो जाता है। गहरी आध्यात्मिक व्याख्या यह है कि हमें ईश्वर को खोजने की बजाय अपने भीतर मन को शुद्ध करने की कोशिश करनी चाहिए। जब हमारा मन लोभ, मोह, अहंकार, ईष्र्या और अन्य विकारों से मुक्त हो जाता है, तब वह शुद्ध और पवित्र हो जाता है। मन के निर्मल होते ही साधक को ईश्वर को ढूंढने की जरूरत नहीं रहती, बल्कि ईश्वर स्वयं उस शुद्ध हृदय वाले भक्त की ओर आकर्षित होते हैं।
नवजीत भारद्वाज जी ने प्रवचनों को विराम लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ एक दोहा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक सूत्र है। यह हमें याद दिलाता है कि जीवन का असली उद्देश्य अपने भीतर के अहंकार और विकारों को दूर कर मन को निर्मल बनाना है। जब हम ऐसा कर लेते हैं, तो ईश्वर हमारे भीतर स्वत: ही प्रकट हो जाते हैं और हमें बाहर कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़ती।

इस अवसर पर अमरेंद्र कुमार शर्मा,राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला,विक्की अग्रवाल,अमृतपाल, विवेक अग्रवाल,नरेश,कोमल,वेद प्रकाश, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र ,रोहित भाटिया,बावा जोशी,राकेश शर्मा,नवीन , परमजीत सिंह, दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश,गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,साछगर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ठाकुर, दीपक ज नरेंद्र, सौरभ,दीपक कुमार, नरेश सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।

Related Articles

Back to top button