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आप को बड़ा झटका, मुख्यमंत्री के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान भाजपा में शामिल

चंडीगढ़, 11 मई

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में भाजपा पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान को भारतीय जनता पार्टी में शामिल कराया। उनके साथ बरनाला के व्यवसायी और एनआरआई बलजिंदर सिंह बरनाला तथा जलालाबाद के विधायक गोल्डी कंबोज के पूर्व पीए और आप के अरनीवाला जोहल प्रभारी मनजिंदर सिंह साजन खेड़ा भी भाजपा में शामिल हुए।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सुनील जाखड़ ने पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं का स्वागत किया और कहा कि ये लोग बदलाव की उम्मीद लेकर आप से जुड़े थे, लेकिन जब उनके सपने टूट गए तो उन्होंने भाजपा परिवार में शामिल होने का फैसला किया।

अमृतसर, बटाला, तरनतारन और लुधियाना सहित विभिन्न शहरों में भाजपा दफ्तरों और कार्यकर्ताओं पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि “सबका हिसाब होगा।” उन्होंने विशेष रूप से पुलिस और सिविल अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे राज्य के खजाने से वेतन लेते हैं और पंजाब के लोगों के प्रति जवाबदेह हैं, किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को कानून के अनुसार काम करना चाहिए और जो भी अपने पद का दुरुपयोग करेगा, उसके खिलाफ समय आने पर कार्रवाई होगी।

आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान को संबोधित करते हुए जाखड़ ने कहा कि भाजपा दफ्तरों पर हमले करने से ईडी और सीबीआई की जांच बंद नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जहां भी भ्रष्टाचार हुआ है, उसकी जांच होगी और हर भ्रष्टाचारी को जवाब देना पड़ेगा।

सुनील जाखड़ ने आगे कहा कि पंजाब में “ममता बनर्जी के बंगाल जैसे हालात” नहीं बनने दिए जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा, पुलिस तंत्र के सहयोग से आप द्वारा किए जा रहे कथित हिंसा और डराने-धमकाने के प्रयासों का पूरी मजबूती से मुकाबला करेगी। उन्होंने कहा कि आप की “गुंडागर्दी” जनता की आवाज को दबा नहीं सकती।

पत्रकारों के सवालों के जवाब में भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और पंजाब की जनता भी आप के “भ्रष्ट शासन” को समाप्त करने के लिए तैयार बैठी है। उन्होंने चेतावनी दी कि चुनावों के दौरान सरकारी मशीनरी को निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए, अन्यथा नेताओं के साथ-साथ पक्षपाती अधिकारियों को भी समय आने पर जवाबदेह बनाया जाएगा।

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