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रयात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, होशियारपुर में फोर्टिस के प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. निशित सावल का विशेष सेमिनार

होशियारपुर: रयात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, होशियारपुर के स्कूल ऑफ अलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज द्वारा बैचलर इन साइकोलॉजी के विद्यार्थियों के लिए “न्यूरोमॉड्यूलेशन एंड इनोवेशंस इन न्यूरोलॉजी” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह शैक्षणिक सत्र विभागाध्यक्ष डॉ. सुखमीत कौर बेदी के कुशल नेतृत्व और समन्वयक डॉ. कृति शर्मा के संयोजन में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक न्यूरोलॉजिकल तकनीकों से अवगत कराना था।
सत्र के मुख्य वक्ता उत्तर भारत में न्यूरोमॉड्यूलेशन के क्षेत्र में अग्रणी योगदान देने वाले फोर्टिस अस्पताल के प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. निशित सावल (डीएम न्यूरोलॉजी, एम्स) रहे। डॉ. सावल ने अपने ऐतिहासिक चिकित्सकीय अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने वर्ष 2018 में उत्तर भारत में पार्किंसंस रोग के लिए पहले डीप ब्रेन स्टिमुलेशन (DBS) और वर्ष 2019 में रिफ्रैक्टरी मिर्गी के लिए वेगस नर्व स्टिमुलेशन (VNS) कार्यक्रम की नींव रखी। इसके साथ ही उन्होंने पार्किंसंस के इलाज के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित अपनी फोटोबायोमॉड्यूलेशन यूनिट, एटिपिकल पार्किंसंस के लिए पेटेंट किए गए दो अत्याधुनिक उपकरणों और पुराने दर्द व एंग्जायटी के प्रबंधन में सीबीडी ऑयल के चिकित्सीय प्रभावों पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
इस अवसर पर रयात बाहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, होशियारपुर के कुलपति (वाइस चांसलर) डॉ. चंदर मोहन ने अपने संदेश में कहा कि मनोविज्ञान के साथ आधुनिक तंत्रिका विज्ञान का समन्वय स्वास्थ्य शिक्षा की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि डॉ. निशित सावल जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों का मार्गदर्शन विद्यार्थियों को अंतःविषय अनुसंधान और चिकित्सकीय नवाचारों को गहराई से समझने के लिए प्रेरित करता है। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सवाल-जवाब किए, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने डॉ. निशित सावल का इस ज्ञानवर्धक सत्र के लिए आभार व्यक्त किया।

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