
सीटी विश्वविद्यालय ने उद्योग-एकीकृत शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ग्रांट थॉर्नटन भारत के साथ समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

सीटी विश्वविद्यालय ने उद्योग–शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने और उद्योग-एकीकृत शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रांट थॉर्नटन भारत के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौता ज्ञापन पर सरदार चरनजीत सिंह चन्नी, कुलाधिपति, सीटी विश्वविद्यालय तथा डॉ. नितिन टंडन, कुलपति, सीटी विश्वविद्यालय की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
ग्रांट थॉर्नटन भारत की ओर से प्रदीप पांडे, साझेदार, और कमल खट्टर, सहयोगी निदेशक उपस्थित रहे।
सीटी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल में संजय खंडूरी, उप-पंजीयक; डॉ. पंकज जैन, निदेशक, करियर विकास केंद्र; तथा डॉ. इशप्रीत सिंह विर्क, विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी, अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विद्यालय शामिल रहे।
यह सहयोग अकादमिक शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने पर केंद्रित है। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव, विशेषज्ञों के साथ संवाद, उद्योग-आधारित परियोजनाएं, अनुभवात्मक शिक्षा तथा बेहतर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
ग्रांट थॉर्नटन भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग कार्यक्रम में करेगा उद्योग प्रक्रियाओं का एकीकरण
इस सहयोग के तहत ग्रांट थॉर्नटन भारत, सीटी विश्वविद्यालय के कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग कार्यक्रम में उद्योग-एकीकरण प्रदान करेगा। इसके माध्यम से विद्यार्थी व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने के साथ-साथ आधुनिक उद्योग प्रक्रियाओं को समझ सकेंगे और बदलती पेशेवर आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल का विकास कर सकेंगे।
डॉ. मनबीर सिंह, प्रो-कुलाधिपति, सीटी विश्वविद्यालय, ने कहा,
“सीटी विश्वविद्यालय में हमारा मानना है कि शिक्षा तब वास्तव में प्रभावशाली बनती है, जब अकादमिक ज्ञान को वास्तविक दुनिया के उद्योग अनुभव के साथ जोड़ा जाता है। ग्रांट थॉर्नटन भारत के साथ हमारा यह सहयोग एक ऐसे वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जहां विद्यार्थी सीधे उद्योग की कार्यप्रणालियों से सीख सकें, उभरती हुई पेशेवर आवश्यकताओं को समझ सकें और अपने करियर की शुरुआत से ही सार्थक योगदान देने का आत्मविश्वास विकसित कर सकें। ऐसी साझेदारियों के माध्यम से हम अपने विद्यार्थियों को भविष्य और उद्योग की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
डॉ. नितिन टंडन, कुलपति, सीटी विश्वविद्यालय, ने कहा,
“तेजी से बदलते पेशेवर परिदृश्य के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने में उद्योग–शैक्षणिक सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रांट थॉर्नटन भारत के साथ यह साझेदारी हमारे कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं मशीन लर्निंग के विद्यार्थियों को आधुनिक उद्योग प्रक्रियाओं, व्यावहारिक परियोजनाओं और विशेषज्ञों के अनुभवों से महत्वपूर्ण परिचय प्रदान करेगी। इस प्रकार की पहल अनुभवात्मक शिक्षा को मजबूत करती है और यह सुनिश्चित करती है कि हमारे शैक्षणिक कार्यक्रम उद्योग की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप बने रहें।”
यह समझौता ज्ञापन सीटी विश्वविद्यालय की भविष्य के लिए तैयार शिक्षा, मजबूत उद्योग साझेदारियों और विद्यार्थियों के लिए सार्थक करियर मार्ग तैयार करने की प्रतिबद्धता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
.



