
दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने विवादित न्यायपालिका के एक चैप्टर को शामिल करने पर अब सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। एनसीईआरटी ने बिना शर्त के माफी मांगी। साथ ही बताया कि पूरी पुस्तकें वापस मंगा ली हैं और अब किताब में वह विवादित चैप्टर शामिल नहीं है।एनसीईआरटी ने एक्स पर ट्वीट कर बताया कि हाल ही में सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक, “समाज की खोज भारत और उससे परे” कक्षा 8 प्रकाशित की थी। इसमें अध्याय IV “हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका” शीर्षक से शामिल था। लिखा कि एनसीईआरटी के डायरेक्टर और सदस्य उक्त अध्याय IV के लिए बिना शर्त और पूर्ण क्षमा याचना करते हैं। पूरी पुस्तक वापस ले ली गई है और अब उपलब्ध नहीं है।