चंडीगढ़, 10 मार्च:

भारतीय जनता पार्टी पंजाब के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भोलथ के विधायक तथा ऑल इंडिया किसान कांग्रेस के चेयरमैन सुखपाल सिंह खैरा द्वारा महिलाओं के खिलाफ की गई अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियों की कड़ी निंदा की है। शर्मा ने कहा कि इस प्रकार की भाषा न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाती है बल्कि यह एक असंवेदनशील मानसिकता को भी दर्शाती है, जो किसी भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सार्वजनिक जीवन में महत्वपूर्ण पदों पर बैठे नेता महिलाओं के सम्मान के प्रति इतनी गैर-जिम्मेदार भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि खैरा की टिप्पणियाँ न केवल महिलाओं का अपमान हैं बल्कि पंजाब की राजनीति में गिरते हुए संवाद स्तर को भी दर्शाती हैं।

शर्मा ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा महिलाओं के लिए इस्तेमाल किए गए अपमानजनक शब्दों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अपने कॉलेज के दिनों की एक घटना का जिक्र करते हुए “पटोला”, “भ्रिंड” और “पाकिस्तान दा झंडा” जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना अत्यंत शर्मनाक और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज में सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए और जनप्रतिनिधियों को अपने शब्दों के चयन में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इस तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग किसी भी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देता।

अश्वनी शर्मा ने मांग की कि सुखपाल सिंह खैरा और मुख्यमंत्री भगवंत मान दोनों पंजाब की महिलाओं से तुरंत सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि पंजाब की महिलाएँ समाज की मजबूत आधारशिला हैं और किसी भी नेता को उन्हें अपमानित करने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा महिलाओं की गरिमा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए दृढ़ता से खड़ी रहेगी।