
दिल्ली: दुनियाभर में टाइप-2 डायबिटीज के लिए सबसे भरोसेमंद मानी जाने वाली दवा ‘मेटफॉर्मिन’ को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। सालों से हम यही जानते थे कि यह दवा हमारे लीवर, आंतों या पैंक्रियाज पर काम करके ब्लड शुगर कंट्रोल करती है, लेकिन साइंटिफिक एडवांसेज में छपी एक नई रिसर्च ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है। पता चला है कि यह दवा सीधे हमारे दिमाग के उस हिस्से पर असर डालती है, जो शरीर की ऊर्जा और शुगर लेवल को कंट्रोल करता है।इस शोध में पाया गया कि मेटफॉर्मिन दिमाग के भीतर ‘Rap1’ नाम के एक प्रोटीन को दबा देती है और कुछ खास नसो को एक्टिव कर देती है। चौंकाने वाली बात यह है कि अगर इस दवा की बहुत मामूली खुराक भी सीधे दिमाग तक पहुंचे, तो यह ब्लड शुगर को तेजी से कम कर सकती है। इसका मतलब है कि यह दवा सिर्फ पेट के रास्ते काम नहीं करती, बल्कि हमारे नर्वस सिस्टम के जरिए भी शरीर को कंट्रोल करती है।जहां एक तरफ यह खोज इलाज के नए दरवाजे खोलती है, वहीं दूसरी तरफ इसने कुछ गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। वैज्ञानिकों को डर है कि दिमाग के रास्तों में बदलाव करने से हमारी सोचने-समझने की शक्ति पर असर पड़ सकता है। जानवरों पर हुए कुछ टेस्ट में देखा गया कि लंबे समय तक इसके इस्तेमाल से याददाश्त और सीखने की क्षमता में कमी आई। वहीं इंसानों पर इसके नतीजे मिले-जुले रहे हैं जहां कुछ स्टडीज कहती हैं कि यह बुढ़ापे में याददाश्त खोने से बचाती है, वहीं कुछ का मानना है कि लंबे समय तक इस्तेमाल से मानसिक प्रदर्शन गिर सकता है।