
दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने दवाओं पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इन दवाओं में पेटेंट वाली दवाइयां शामिल रहेंगी। साथ ही मेंटल्स पर कई तरह की राहत दी है। गुरुवार को लागू नए ढांचे के तहत, भारत सहित उन देशों से पेटेंट वाली दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ लागू होगा, जिन्होंने न तो अमेरिकी वाणिज्य विभाग के साथ रीशोरिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं और न ही स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग के साथ मोस्ट फेवर्ड नेशन मूल्य निर्धारण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम आवश्यक दवाओं के लिए विदेशी देशों पर अमेरिका की निर्भरता को कम करने के लिए उठाया गया है अधिकारी ने एएनआई को आगे बताया कि पेटेंट वाले उत्पादों पर 100% टैरिफ लागू होगा। भारत से आयातित कोई भी पेटेंट वाली दवा, जो उन कंपनियों द्वारा बनाई गई हो जिन्हें रीशोरिंग योजना के लिए मंजूरी नहीं मिली़ढ़ है, उस पर 100% टैरिफ लगेगा।हालांकि जेनेरिक दवाएं फिलहाल इस छूट के दायरे में हैं, हालांकि अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जेनेरिक दवा उद्योग तेजी से उत्पादन को वापस संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थानांतरित नहीं करता है तो यह स्थिति बदल सकती है। अधिकारी ने एएनआई को आगे बताया कि जेनेरिक दवाएं, जो भारतीय फार्मा निर्यात का अधिकांश हिस्सा हैं, टैरिफ से मुक्त हैं, लेकिन वाणिज्य विभाग जेनेरिक दवाओं की रीशोरिंग की स्थिति का मूल्यांकन करेगा और तदनुसार जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का रिव्यू करेगा। यह शुल्क बड़ी कंपनियों के लिए 31 जुलाई से और छोटी कंपनियों के लिए 29 सितंबर से प्रभावी होगा।