
दिल्ली: हवाईअड्डों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भारत सरकार ने ‘जांच केंद्र’ स्थापित करने का फैसला किया है नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते के तहत टेस्टिंग सेंटर में एयरपोर्ट पर इस्तेमाल होने वाले फुल बॉडी स्कैनर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच, मूल्यांकन और प्रमाणन किया जाएगा भारत में अब हर घंटे एयरपोर्ट्स पर 250–300 फ्लाइट मूवमेंट हो रहे हैं और करीब 40–45 हजार यात्री यात्रा कर रहे हैं एयर कार्गो में भी पिछले एक दशक में करीब 50% की बढ़ोतरी देखी गई है आरआरयू और बीसीएएस मिलकर एक अत्याधुनिक जांच केंद्र स्थापित करेंगे, जहां एयरपोर्ट सुरक्षा उपकरणों की जांच, सेफ्टी, शोध, प्रशिक्षण, स्टैंडर्ड डेवलपमेंट और इंटरऑपरेबिलिटी का कड़ा परीक्षण होगा यह केंद्र मूल उपकरण निर्माता द्वारा बनाए गए उपकरणों की स्वतंत्र जांच और सत्यापन करेगा और फिर इसके मूल्यांकन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी केंद्रीय नागरिक विमान्न मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह समझौता सरकार के सिक्योरिटी रिसर्च और क्षमता निर्माण के लक्ष्य को आगे बढ़ाएगा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सुरक्षा के क्षेत्र में रिसर्च, इनोवेशन और क्षमता निर्माण पर लगातार जोर दिया जा रहा है इस कदम का मुख्य लक्ष्य ‘आत्मनिर्भर’ और ‘आत्म-सुरक्षित भारत’ का निर्माण है अब भारत को भी सिर्फ विदेशी प्रमाणन मानकों का पालन करने के बजाय खुद को एविएशन सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए