जालंधर, 3 जुलाई (नितिन कौड़ा): मुस्लिम संगठन पंजाब के नेतृत्व में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज ने पैगंबर-ए-इस्लाम के कथित अपमान के विरोध में पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह को लिखित शिकायत सौंपते हुए नाजिया इलाही खान के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। साथ ही राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। इस अवसर पर एसीपी स्पेशल ब्रांच गुरप्रीत सिंह जी मौजूद थे।
इस रोष मार्च का नेतृत्व मुस्लिम संगठन पंजाब के प्रधान एडवोकेट नईम खान ने किया। उनके साथ संगठन के महासचिव मोहम्मद मज़हर आलम मजाहिरी, जमात सलमानी ट्रस्ट पंजाब के प्रधान हाजी आबिद हसन सलमानी, सैयद अली, सिकंदर शेख, आदिल खान, मौलाना तालिब हुसैन सहित बड़ी संख्या में सामाजिक व धार्मिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। एडवोकेट नईम खान ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से देशभर के मुसलमानों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानून के तहत त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में सौहार्द और शांति बनी रहे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की जाए और दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
संगठन के महासचिव मोहम्मद मज़हर आलम मजाहिरी ने कहा कि भारत का संविधान सभी धर्मों का सम्मान करने की सीख देता है। किसी भी धर्म या उसके पूजनीय व्यक्तित्व के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सद्भाव को प्रभावित करती है। उन्होंने ऐसी लेडी पर कार्रवाई की अपील की।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से भी अनुरोध किया गया कि देश में धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले वाली नाजिया इलाही खान पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
डीसीपी इन्वेस्टिगेशन मनप्रीत सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन और शिकायत प्राप्त कर आश्वासन दिया कि मामले की जांच कानून के अनुसार की जाएगी तथा उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर अतीक खान, मौलाना तालिब हुसैन रिजवी, असलम खान, बदरुल खान, सोनू खान, शहजाद सलमानी, गयूर सलमानी, शाह रुख खान, सरताज मंसूरी, मोहम्मद राजा, अरमान शेख व अन्य लोग मौजूद थे।