
कजाकिस्तान के ऐतिहासिक शहर अल्माटी ने हाल ही में वैश्विक शैक्षणिक नवाचार का केंद्र बनकर सीटी ग्रुप के 9वें अंतरराष्ट्रीय बहु-ट्रैक सम्मेलन IMSEMTI 2026 की सफल मेजबानी की। इस भव्य शैक्षणिक आयोजन का आयोजन सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (CTIEMT) द्वारा, सीटी यूनिवर्सिटी, भारत के सहयोग से तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदार सिटी यूनिवर्सिटी अजमान (यूएई) और ग्लोबलनेक्स्ट यूनिवर्सिटी, मलेशिया के साथ मिलकर किया गया।
इस सम्मेलन में विश्वस्तरीय शोधकर्ताओं, प्रमुख वक्ताओं, शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और विज्ञान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन तथा तकनीकी नवाचार से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का शुभारंभ प्रेरणादायक उद्घाटन समारोह से हुआ, जिसमें कजाकिस्तान की प्रो. दिलबर गिमरानोवा (पूर्व डीन, नारखोज यूनिवर्सिटी) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। डॉ. नितन अरोड़ा (डायरेक्टर, CCPC एवं प्रिंसिपल, CTIEMT) के मार्गदर्शन में तकनीकी सत्रों का आयोजन किया गया, जिनमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर डीएवी कॉलेज, जालंधर के डॉ. पुनीत पुरी और चितकारा यूनिवर्सिटी की सुश्री कृतिका अरोड़ा को उनके उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए “बेस्ट पेपर अवार्ड” से सम्मानित किया गया। सम्मेलन में अन्य प्रमुख वक्ताओं में डॉ. इस्मागुलोवा सिम्बत, डॉ. अनन्या मिश्रा, डॉ. प्रदीप गोराया, सुश्री एगेरिम शखानोवा, डॉ. अभिनव आनंद, डॉ. वरिंदर सिंह राणा, डॉ. दलविंदर कौर और श्री अमनदीप सिंह शामिल रहे।
सीटी ग्रुप के नेतृत्व ने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से विकसित हो रहे उद्योगों के लिए बहु-विषयक सहयोग अत्यंत आवश्यक है। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायो-थेरेप्यूटिक्स, सतत विकास, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और पर्यावरणीय प्रदर्शन जैसे विषयों पर शोध प्रस्तुत किए गए।
सीटी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) मनबीर सिंह ने कहा कि ज्ञान और नवाचार की कोई सीमाएं नहीं होतीं। उन्होंने बताया कि मलेशिया, सिंगापुर, दुबई, अजरबैजान, वियतनाम और अब कजाकिस्तान में आयोजित इस सम्मेलन ने वैश्विक पहचान बनाई है।
सम्मेलन का समापन नेटवर्किंग सत्रों और इंटरएक्टिव चर्चाओं के साथ हुआ, जिसने भविष्य में शैक्षणिक सहयोग और संयुक्त शोध के नए रास्ते खोले। IMSEMTI 2026 की सफलता ने सीटी ग्रुप की वैश्विक शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।