
चंडीगढ़, 20 जुलाई:
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान कूमकलां, थाना लुधियाना में तैनात सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) जगजीवन सिंह को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया है।
आज यहां यह जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी पुलिस अधिकारी को भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पोर्टल पर सुरजीत कॉलोनी, राहों रोड, लुधियाना निवासी एक व्यक्ति द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता के रिश्तेदार के विरुद्ध थाना कूमकलां, लुधियाना में एक मामला दर्ज था। एएसआई जगजीवन सिंह इस मामले का जांच अधिकारी था। जब शिकायतकर्ता उक्त मामले के संबंध में आरोपी अधिकारी से मिला तो उसने शिकायतकर्ता के रिश्तेदार को जमानत दिलाने में मदद करने के बदले 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी और प्राप्त की। इसके बाद आरोपी एएसआई ने शिकायतकर्ता को दोबारा बुलाकर 10,000 रुपये की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने संबंधी पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी।
रिश्वत या किसी अन्य गैर-कानूनी तरीके का सहारा न लेने का निर्णय करते हुए शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज, लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी सहायक उप-निरीक्षक जगजीवन सिंह को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना, लुधियाना में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।