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सीटी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने हाइड्रोपोनिक्स से समझी खेती की नई तकनीक

जालंधर: विद्यार्थियों को अनुभवात्मक एवं भविष्योपयोगी शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सीटी पब्लिक स्कूल द्वारा कक्षा VIII, IX और X के विद्यार्थियों के लिए हाइड्रोपोनिक्स गतिविधि आयोजित की गई। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक, तकनीक-आधारित एवं टिकाऊ कृषि पद्धति को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।

गतिविधि का संचालन विज्ञान विभाग के प्रमुख श्री भरत के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि सीटी ग्रुप के शाहपुर कैंपस से सुश्री नितिका सैनी एवं सुश्री कीर्ति ने विद्यार्थियों को हाइड्रोपोनिक्स की तकनीकी जानकारी प्रदान की। शाहपुर कैंपस में हाइड्रोपोनिक्स के लिए विशेष विभाग उपलब्ध है।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने मृदा रहित खेती, पोषक तत्वों से युक्त जल, जल संरक्षण, नियंत्रित परिस्थितियों में पौधों की वृद्धि तथा आधुनिक कृषि में तकनीक की भूमिका के बारे में जानकारी प्राप्त की। व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों ने विज्ञान में सीखे पादप पोषण, प्रकाश संश्लेषण, जल संरक्षण और पारिस्थितिकी जैसे विषयों को वास्तविक जीवन से जोड़ा।

हाइड्रोपोनिक्स जैसी तकनीक कम स्थान और सीमित जल संसाधनों में खेती को संभव बनाने के साथ सतत खाद्य उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। गतिविधि ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, रचनात्मकता एवं समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने के साथ उन्हें कृषि, पर्यावरण विज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी और खाद्य तकनीक जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर की संभावनाओं से भी परिचित कराया।

कक्षा VIII के विद्यार्थियों के लिए यह गतिविधि विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही, क्योंकि यह स्कूल द्वारा संचालित कौशल बोर्ड परियोजना का हिस्सा है। परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यावहारिक कौशल, रचनात्मक सोच, आलोचनात्मक चिंतन और वास्तविक जीवन में ज्ञान के प्रयोग की क्षमता विकसित करना है।

यह पहल सीटी ग्रुप के अंतरविषयक एवं अनुभवात्मक शिक्षा के दृष्टिकोण को भी दर्शाती है, जहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञों से संवाद करने और कक्षा में प्राप्त ज्ञान को व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ने के अवसर प्रदान किए जाते हैं। गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग एवं पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति भी जागरूक किया गया।

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