

जालंधर, 28 सितंबर : पंजाब गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष कीमती भगत ने आज जिला प्रशासकीय अधिकारियों और गौशालाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के दौरान बेसहारा गौधन की संभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) अमरजीत बैंस के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए उप चेयरमैन कीमती भगत ने कहा कि जिले में बेसहारा गौधन की संभाल से कीमती जानें बचाने के साथ-साथ ट्रैफिक समस्या से निजात और किसानों की फसलों के नुकसान को रोका जा सकता है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर घूमते बेसहारा गौधन को गौशालाओं में पहुंचाने के लिए प्रयास तेज किए जाएं।
उन्होंने नगर निगम/कौंसिलों को कहा कि ऐसे बेसहारा पशुधन को सरकारी या प्राइवेट गौशालाओं में भेजना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शहर में गौओं को बेसहारा छोड़ने वालों के खिलाफ म्युनिसिपल एक्ट के तहत जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जाए, ताकि कोई भी बेजुबानों को सड़कों पर न छोड़े।
उपाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार बेसहारा गौधन की सुचारु संभाल के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आयोग ने बेसहारा गौधन को गौशालाओं में पहुंचाने की मुहिम छेड़ी हुई है, जिसके तहत प्रदेश भर में बैठकें करने के साथ-साथ पिछले चार महीनों के दौरान करीब 10 हजार बेसहारा गौधन गौशालाओं में पहुंचाया गया है।
उन्होंने डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन विभाग को निर्देश दिए कि जिन गौशालाओं का बिजली बिल माफ होने से रह जाता है, उनके केस बनाकर आयोग को भेजे जाएं, ताकि यह काम जल्द पूरा करवाया जा सके। इसके अलावा गौशालाओं में वैटरनरी डॉक्टर की सुविधा, गौधन का जरूरी टीकाकरण और जख्मी या बीमार गौधन का उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
कीमती भगत ने प्रदेश की समस्त 518 सरकारी और प्राइवेट गौशालाओं का बिजली बिल माफ करने के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पंजाब सरकार द्वारा जख्मी गौधन के इलाज के लिए समस्त प्राइवेट व सरकारी गौशालाओं को 3.6 करोड़ की लागत से ‘काओ लिफ्टर’ भी उपलब्ध करवाए गए है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पशुधन की सेवा में लगी गौशालाओं को गौओं के चारे और देखभाल के लिए 61 रुपये की राशि प्रति गौधन प्रति दिन जल्द पहुंचाई जाएगी, जिससे गौशालाओं को और राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पंजाब में गौ हत्या, गौ तस्करी और गौ मांस का गैर-कानूनी काम करने पर ‘द पंजाब प्रोहिबिशन ऑफ काओ स्लॉटर (अमेंडमेंट) एक्ट, 2011’ के तहत 10 साल तक की कैद का प्रावधान है। इसके अलावा सभी जिलों में गौ सुरक्षा सेल भी स्थापित किए गए हैं।
इस अवसर पर ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम मनदीप कौर, डिप्टी डायरेक्टर पशु पालन डा. अवतार सिंह, सहायक डायरेक्टर डा. कुलविंदर सिंह और डा. बलबीर सिंह, कौंसिलर सुदेश भगत, पूरन चंद भारती, यशपाल भगत, मंगल दास, वेद प्रकाश, निहंग बाबा मनजीत सिंह, राहुल भगत, करन भगत के अलावा गौशालाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।



