

चंडीगढ़, 5 अक्टूबर ( ): पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पंजाब के मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुम्मण तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के फैसले का भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अदालत के इस फैसले से खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाली सरकार की पोल खुल गई है।
चंडीगढ़ स्थित पार्टी के मुख्य कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि इस भ्रष्टाचार तंत्र के बेनकाब होने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यह सरकार सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार खो चुकी है। इस अवसर पर उनके साथ पंजाब भाजपा के महासचिव रजनीश कुमार तथा पंजाब भाजपा के स्टेट मीडिया प्रभारी विनीत जोशी भी उपस्थित थे।
*डरते क्यों हैं मुख्यमंत्री?*
ढिल्लों ने कहा कि इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के डीजीपी को तीन बार पत्र भेजे गए, लेकिन पंजाब पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। जब यह मामला जनहित याचिका के माध्यम से अदालत में पहुंचा तो हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए। हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले में केस दर्ज कर दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
सीबीआई द्वारा मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच किए जाने की उम्मीद जताते हुए ढिल्लों ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने से खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाली सरकार बेनकाब हुई है।
उन्होंने सवाल किया कि “अगर सरकार खुद को कट्टर ईमानदार कहती है तो ईडी द्वारा बार-बार पत्र लिखे जाने के बावजूद सरकार जांच से क्यों भाग रही थी और मुख्यमंत्री अपने कार्यालय की जांच से क्यों डरते हैं? इसका मतलब दाल में कुछ काला है?”
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में ‘ईमानदार मुख्यमंत्री’ के बोर्ड लगाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में पहले ही ‘आप’ सरकार के तत्कालीन मंत्री विजय सिंगला, फौजा सिंह सरारी, संजीव अरोड़ा तथा विधायक अमित रतन कोटफत्ता और जसवंत सिंह गज्जणमाजरा कानूनी कार्रवाई के घेरे में आ चुके हैं। तत्कालीन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर के खिलाफ सरकारी अधिकारी की आत्महत्या के मामले में भी कार्रवाई हुई है।
*सीबीआई जांच में सहयोग करे पंजाब पुलिस*
केवल सिंह ढिल्लों ने मांग की कि सीबीआई को पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की ओर से हर आवश्यक रिकॉर्ड एवं पूरा सहयोग तत्काल उपलब्ध करवाया जाए, ताकि अदालत द्वारा निर्धारित दो महीने की समय-सीमा के भीतर जांच आगे बढ़ सके। हाईकोर्ट ने भी पंजाब सरकार और पुलिस को सीबीआई को पूरा सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
*कानून-व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा*
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस कर्मचारी भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या सहित हाल की आपराधिक घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को केवल बयानबाजी करने के बजाय जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।



