

जालंधर, 6 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी जालंधर शहरी के जिला अध्यक्ष अशोक सरीन हिक्की ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) भ्रष्टाचारियों का अड्डा बन चुका है और मुख्यमंत्री भगवंत मान भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लोगों को बचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुम्मण और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देना सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अशोक सरीन हिक्की ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे आम आदमी पार्टी सरकार की कथित ‘कट्टर ईमानदार’ छवि पूरी तरह बेनकाब हो गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब भर में लगाए गए ‘ईमानदार सीएम’ के बोर्ड अब जनता के साथ मजाक साबित हो चुके हैं। सरकार को अपने दावों पर आत्ममंथन करना चाहिए, क्योंकि सच्चाई अब लोगों के सामने आ चुकी है।
हिक्की ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पंजाब के डीजीपी को कई बार पत्र लिखे जाने के बावजूद संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। यदि सरकार वास्तव में पारदर्शिता और ईमानदारी में विश्वास रखती थी तो वह जांच को हाईकोर्ट की निगरानी में आगे बढ़ने देती। लेकिन जांच का लगातार विरोध यह संकेत देता है कि सरकार कुछ तथ्यों को सामने आने से रोकना चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार के कई मंत्री और विधायक पहले ही भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग अथवा अन्य गंभीर मामलों में विवादों का सामना कर चुके हैं। ऐसे में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का दावा करने वाली सरकार की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हुई है।
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि पंजाब की जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार आज खुद सवालों के घेरे में खड़ी है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के हितों और पारदर्शी शासन के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी तथा भ्रष्टाचार के हर मामले को जनता के सामने लाने का कार्य करेगी।



