

जालंधर:- मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नज़दीक लमांपिंड चौंक जालंधर में मां बगलामुखी जी के निमित्त सामुहिक निशुल्क दिव्य हवन यज्ञ का आयोजन मदिंर परिसर में किया गया।
सर्व प्रथम ब्राह्मणो द्वारा मुख्य यजमान प्रशांत से विधिवत वैदिक रिती अनुसार पंचोपचार पूजन, षोडशोपचार पूजन ,नवग्रह पूजन उपरांत सपरिवार हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई गई।
गुलमोहर सिटी, लम्मा पिंड चौक के नजदीक स्थित सिद्ध मां बगलामुखी धाम में आयोजित दिव्य हवन यज्ञ के दौरान यज्ञ कुंड में प्रज्वलित पावन अग्नि की दिव्य आभा से पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय भावनाओं से आलोकित हो उठा। मंत्रोच्चारण, हवन की सुगंध और श्रद्धालुओं की आस्था के बीच धाम के संस्थापक एवं व्यवस्थापक नवजीत भारद्वाज ने संत वाणी की गहराई को समझाते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में धन-दौलत और भौतिक सुख-सुविधाएं तो बहुत कुछ अर्जित कर लेता है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी कमाई वह आध्यात्मिक पूंजी है, जिसे न कोई चोर चुरा सकता है और न मृत्यु उससे छीन सकती है।
नवजीत भारद्वाज ने प्रसिद्ध पंक्तियों-
*‘‘जनम-जनम की पूंजी पाई, जग में सभी खोवायो’’*
*खरचै नहिं कोइ चोर न लेवे, दिन दिन बढ़त सवायो।”*
का भावपूर्ण अर्थ समझाते हुए कहा कि इन पंक्तियों में मनुष्य के पूरे जीवन का सार छिपा हुआ है। हम संसार में आते हैं तो अपने साथ कोई धन-दौलत नहीं लाते, और जब इस संसार से विदा होते हैं तो कोई संपत्ति साथ नहीं ले जा पाते। फिर भी मनुष्य अपना पूरा जीवन उसी चीज को पाने में लगा देता है, जो यहीं छूट जानी है।
नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों को पंक्तियों की गहराई समझाते हुए कहते है कि हमारे भीतर एक ऐसी पूंजी है, जो न कोई चोर चुरा सकता है, न समय छीन सकता है और न मृत्यु समाप्त कर सकती है। यह पूंजी है नाम, भक्ति, सेवा, सत्संग और प्रभु से जुड़ाव। इसे समझने के लिए एक छोटे से दीये को देखिए। दीया स्वयं जलता है, तभी दूसरों को प्रकाश देता है। उसकी लौ जितनी स्थिर होती है, उतना ही अंधकार दूर होता जाता है। ठीक वैसे ही मनुष्य का जीवन है। जब तक भीतर अज्ञान, अहंकार, क्रोध, लोभ और मोह का अंधेरा है, तब तक बाहर की कितनी भी रोशनी क्यों न हो मन के भीतर शांति नहीं मिलती।
नवजीत भारद्वाज जी ने कहा कि दीये की एक और विशेषता है वह अपना प्रकाश बांटता है, लेकिन उसका प्रकाश कम नहीं होता। यही संतों की वाणी है, यही सेवा का भाव है। जितना प्रेम बांटोगे, उतना प्रेम बढ़ेगा। जितना ज्ञान बांटोगे, उतना ज्ञान बढ़ेगा। जितना नाम जपोगे, उतनी भीतर की शांति बढ़ेगी।
इसीलिए संत कहते हैं, *”खरचै नहिं कोइ चोर न लेवे, दिन दिन बढ़त सवायो।”* अर्थात् संसार की दौलत खर्च करने से घटती है, लेकिन प्रभु का नाम खर्च करने से बढ़ता है। संसार का धन बांटने से कम हो सकता है, लेकिन प्रेम और सेवा बांटने से और अधिक हो जाते हैं।
नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों को संदेश देते हुए कहा कि आज हम अपने जीवन में बहुत कुछ जमा कर रहे हैं धन, मकान, जमीन, प्रतिष्ठा, रिश्ते और सुविधाएं। लेकिन कभी यह भी पूछना चाहिए कि क्या हमने अपने भीतर ऐसी पूंजी जमा की है, जो अंतिम समय हमारे साथ जाएगी?
जब शरीर की शक्ति समाप्त होगी, बैंक बैलेंस काम नहीं आएगा। उस समय साथ जाएगा तो केवल कर्म, संस्कार और प्रभु के नाम से जुड़ा हुआ मन। इसलिए जीवन में एक ऐसा दीप जलाइए जो कभी बुझने न पाए। घी का दीपक कुछ समय के लिए अंधेरा मिटाता है, लेकिन ज्ञान और नाम का दीपक पूरे जीवन का अंधकार मिटा सकता है।
प्रवचन के अंत में नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों प्रसिद्ध पंक्तियां का सार समझाते हुए कहा कि अपने भीतर के दीपक में श्रद्धा का तेल, भक्ति की बाती और गुरु की वाणी की ज्योति रखिए। फिर देखिए जीवन का रास्ता स्वयं प्रकाशित होने लगेगा। जिस पूंजी को दुनिया की नजर नहीं देख सकती, वही सबसे बड़ी पूंजी है। जिस धन को मृत्यु भी नहीं छीन सकती, वही सच्चा धन है। और जिस दीपक की रोशनी भीतर से आती है, वही जीवन को वास्तव में प्रकाशित करता है। इसलिए संसार कमाइए, लेकिन साथ-साथ नाम भी कमाइए। घर बनाइए, लेकिन भीतर भी भक्ति का घर बनाइए। रिश्ते निभाइए, लेकिन प्रभु से अपना रिश्ता सबसे मजबूत रखिए।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज, निर्मल शर्मा, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर ,सरोज बाला,रोहित भाटिया,विवेक अग्रवाल, जानू थापर,नरेश,कोमल, मुनीष मैहरा, जगदीश डोगरा, ऋषभ कालिया,रिंकू सैनी, कमलजीत,बलजिंदर सिंह, धर्मपालसिंह, अमरजीत सिंह, उदय ,अजीत कुमार , नरेंद्र,राकेश शर्मा, नवीन , प्रदीप, सुधीर, सुमीत ,जोगिंदर सिंह, मनीष शर्मा, डॉ गुप्ता,अमनदीप, परमजीत सिंह, दानिश, रितु, कुमार,गौरी केतन शर्मा,सौरभ ,शंकर, संदीप,रिंकू,प्रदीप वर्मा, गोरव गोयल, मनी ,नरेश,अजय शर्मा,दीपक , किशोर,प्रदीप , प्रवीण,राजू, गुलशन शर्मा,संजीव शर्मा, रोहित भाटिया,मुकेश, रजेश महाजन ,अमनदीप शर्मा, गुरप्रीत सिंह, विरेंद्र सिंह, अमन शर्मा, ऐडवोकेट शर्मा,वरुण, नितिश,रोमी, भोला शर्मा,दीलीप, लवली, लक्की, मोहित , विशाल , अश्विनी शर्मा , रवि भल्ला, भोला शर्मा, जगदीश, नवीन कुमार, निर्मल,अनिल,सागर,दीपक,दसोंधा सिंह, प्रिंस कुमार, पप्पू ,नरेंद्र, सौरभ, नरेश,दिक्षित, अनिल, अजय,बलदेव सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।



