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डी.ए.वी. कॉलेज जालन्धर के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग द्वारा राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन

जालन्धर, 5 अक्टूबर 2026: विश्व निवेशक सप्ताह (WIW) 2026 का आयोजन विश्वभर तथा भारत में 5 से 10 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय प्रतिभूति आयोग संगठन (IOSCO) के मार्गदर्शन में हो रहा है तथा भारत में इसका राष्ट्रीय समन्वय भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) द्वारा किया जा रहा है।भारत के लिए राष्ट्रीय समन्वयक के तौर पर, SEBI स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरी और AMFI के सहयोग से पूरे भारत में ‘वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट वीक 2026’ मना रहा है।

इसी क्रम में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के अंतर्गत भारतीय म्यूचुअल फंड संघ (AMFI) द्वारा 5 अक्टूबर 2026 को डी.ए.वी. कॉलेज जालन्धर के स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों के लिए “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अंतर्गत वित्तीय शिक्षा : एक जीवन-कौशल” विषय पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार खुराना ने किया। डॉ. संजय कुमार अग्रवाल इस राष्ट्रीय वेबिनार के मुख्य वक्ता रहे। वेबिनार में लगभग 63 विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ अरदास समारोह के साथ हुआ। इसके पश्चात प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पंजाब, जालन्धर तथा डी.ए.वी. कॉलेज की विभिन्न झलकियाँ प्रस्तुत की गईं। डी.ए.वी. परिवार की परंपरा के अनुरूप इसके बाद डी.ए.वी. गान प्रस्तुत किया गया।

मुख्य वक्ता डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने वित्तीय शिक्षा के महत्त्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह सुरक्षित वित्तीय भविष्य के निर्माण के लिए आवश्यक जीवन-कौशल प्रदान करती है। उचित वित्तीय जानकारी व्यक्ति को दीर्घकालीन वित्तीय आवश्यकताओं के लिए बचत करने में सक्षम बनाती है तथा व्यक्ति एवं उसके परिवार को आकस्मिक वित्तीय परिस्थितियों से निपटने में सहायता करती है।

उन्होंने बताया कि प्रतिभूति बाज़ार में निवेशकों के हितों के वैधानिक संरक्षक के रूप में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, स्टॉक एक्सचेंजों, निक्षेपागारों तथा भारतीय म्यूचुअल फंड संघ के सहयोग से देशवासियों को वित्तीय एवं निवेश संबंधी जानकारी प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसका मूल संदेश है कि “शिक्षित निवेशक ही सुरक्षित निवेशक होता है।”

डॉ. अग्रवाल ने निवेशक शिक्षा के साथ-साथ वित्तीय शिक्षा को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वित्तीय शिक्षा एक आवश्यक जीवन-कौशल है, जो व्यक्तियों को उचित वित्तीय निर्णय लेने तथा उनके प्रति उत्तरदायित्व निभाने के लिए सशक्त बनाती है। इसी उद्देश्य से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा आयोजित वित्तीय शिक्षा संबंधी वेबिनार प्रतिभागियों को वित्तीय विषयों की बेहतर समझ प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने वित्तीय योजना के महत्त्व पर चर्चा करते हुए कहा कि यह व्यक्ति के वित्तीय सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वित्तीय योजना न केवल व्यक्ति को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि उसे अपने वित्तीय संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करने तथा सेवाकाल और सेवानिवृत्ति के पश्चात सामाजिक एवं आर्थिक दायित्वों को पूरा करने में भी सहायता करती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी अर्थव्यवस्था में लोगों की बचत और निवेश उसकी आर्थिक सुदृढ़ता के प्रमुख संकेतक होते हैं। खुदरा निवेशकों की बाजार में अपेक्षाकृत कम भागीदारी का एक प्रमुख कारण वित्तीय जानकारी का अभाव है। इसलिए ऐसी पहलों की आवश्यकता है, जो खुदरा निवेशकों को जागरूक करें तथा उन्हें कॉरपोरेट क्षेत्र और पूंजी बाजार में सोच-समझकर निवेश संबंधी निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय साक्षरता मानव जीवन की समग्र प्रसन्नता और आर्थिक संतुष्टि को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण कारक है।

डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने डॉ. सुरेश कुमार खुराना के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वर्ण मंदिर की अरदास, पंजाब की विभिन्न झलकियाँ तथा डी.ए.वी. गान देखकर अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली बार इस प्रकार की प्रस्तुति देखी। उन्होंने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं क्रमबद्ध ढंग से आयोजित करने तथा आधुनिक तकनीक के प्रभावी प्रयोग के लिए डॉ. खुराना की प्रशंसा की।

अंत में डॉ. सुरेश कुमार खुराना ने ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सत्र के लिए मुख्य वक्ता डॉ. संजय कुमार अग्रवाल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कौटिल्य सोसाइटी ऑफ इकोनॉमिक्स की प्रभारी प्रोफेसर डॉ. सीमा, प्रोफेसर सोनिका दानिया, डॉ. निश्चय बहल, डॉ. दीपाली हांडा, डॉ. ऋतु तलवाड़, प्रोफेसर पूजा शर्मा तथा प्रोफेसर मोनिका का भी धन्यवाद किया।

उन्होंने कौटिल्य सोसाइटी ऑफ इकोनॉमिक्स के सदस्यों सलोनी कंबोज, अंकुर अरोड़ा, अमनप्रीत कौर, उदित भल्ला, सिदकजोत कौर, गौरी शर्मा, मोनिका प्रमाणिक, पलवी तथा अन्य सभी विद्यार्थियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ वेबिनार में सहभागिता की तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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