

जालंधर:-सिद्ध माँ बगलामुखी धाम में नवरात्रि के दूसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। धाम के संस्थापक एवं व्यवस्थापक नवजीत भारद्वाज ने माँ भक्तों को कहा कि मां चंद्रघंटा हमें सिखाती हैं कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, हमें कभी अपने साहस और विश्वास को कमजोर नहीं पडऩे देना चाहिए। जब जीवन में ऊर्जा की कमी महसूस हो, मन निराशा से घिर जाए और आगे बढऩे का रास्ता दिखाई न दे, तब मां चंद्रघंटा की आराधना मन में नई चेतना, सकारात्मकता और आत्मबल का संचार करती है।
नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों को कहा कि मां चंद्रघंटा का स्वरूप हमें यह प्रेरणा देता है कि सच्ची शक्ति केवल बाहरी परिस्थितियों को बदलने में नहीं, बल्कि अपने मन के भय, क्रोध और नकारात्मक विचारों पर विजय पाने में भी है। जीवन में अनेक बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जब इंसान टूटने लगता है और उसे अपने ही सामथ्र्य पर संदेह होने लगता है। ऐसे समय में मां का स्मरण हमें विश्वास दिलाता है कि धैर्य, साहस और दृढ़ संकल्प के साथ हर कठिन परिस्थिति का सामना किया जा सकता है।
मां चंद्रघंटा का दिव्य स्वरूप हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढऩे की प्रेरणा देता है। उनकी कृपा का स्मरण करते हुए हमें अपने भीतर छिपी शक्ति को पहचानना चाहिए और सत्य, धर्म तथा सदाचार के मार्ग पर चलते रहना चाहिए। सच्ची भक्ति वही है, जो हमारे भीतर निर्भयता जगाए, दूसरों के प्रति करुणा पैदा करे और हमें जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरित करे।
नवजीत भारद्वाज जी ने माँ भक्तों को कहा कि इस नवरात्रि मां चंद्रघंटा से यही प्रार्थना करें कि वे हमारे जीवन से भय और निराशा को दूर कर साहस, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का प्रकाश भर दें। जब मन में मां के प्रति श्रद्धा और कर्म में सच्चाई होती है, तब जीवन की कठिन राहों पर भी आगे बढऩे का हौसला मिलता है।
इस अवसर पर श्वेता भारद्वाज,तेजस भारद्वाज, राकेश प्रभाकर,पूनम प्रभाकर,समीर कपूर,ऋषभ कालिया, अमरेंद्र कुमार शर्मा, रोहित गौतम,मनी राम, रितु शर्मा, संजीव,अमन,राजेश कुमार, गुरप्रीत सिंह,गुरवीर कौर,नितिश, अमित अग्रवाल, संजीव शर्मा,विजय सुखीजा, प्रिंस सहित भारी संख्या में भक्तजन मौजूद थे।
हवन यज्ञ उपरांत लंगर भंडारे का आयोजन किया गया।



