जालंधर: IMD के अनुसार, 18 जून को एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा, जिसका असर 3 दिन तक रह सकता है। ऐसे में अगले 6-7 दिन के दौरान उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों के अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
IMD के अनुसार, 4 जून को एंट्री के बाद मानसून ने 19 राज्यों को कवर किया। लेकिन अब मानसून कमजोर पड़ गया है, क्योंकि प्रशांत महासागर में एक्टिव हो रहे एल नीनो का असर पड़ने लगा है। इसलिए मानसून के बादल भारत से गायब ही हो चुके हैं। वहीं अगले 4 से 5 दिन मानसून कई नए राज्यों तक पहुंच सकता है। इसलिए 21 जून तक इन राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। प्री-मानसून की बारिश मानसून की बारिश में बदलकर गर्मी से राहत दिला सकती है।IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों को मानसून का इंतजार है। दक्षिण भारत से मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास रुका है। नॉर्थ-ईस्ट में यह उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की बॉर्डर तक पहुंच चुका है। कल 15 जून को मानसून आंध्र प्रदेश के बचे हिस्सों, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ा। अगले 5 दिन में महाराष्ट्र, कर्नाटक के शेष भागों, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में आगे बढ़ सकता है।