इंदस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, बाथू में स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट (एसएफडी), हिमाचल प्रदेश के सहयोग से ग्रीष्म ऋतु के दौरान पक्षियों एवं जीव-जंतुओं के लिए पेयजल उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘सकोरा अभियान’ का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में मिट्टी के सकोरे रखे गए, ताकि बढ़ती गर्मी के बीच पक्षियों और अन्य जीवों को पानी उपलब्ध हो सके।इस अवसर पर स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट (एसएफडी), हिमाचल प्रदेश तथा इंदस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, ऊना के मध्य पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह सहयोग शैक्षणिक जगत और पर्यावरणीय कार्यों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा वर्तमान समय की जलवायु चुनौतियों के संदर्भ में विकास के वास्तविक अर्थ को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।एमओयू के अंतर्गत विद्यार्थियों को पर्यावरण संबंधी इंटर्नशिप, लघु परियोजनाओं, जन-जागरूकता अभियानों, संवाद कार्यक्रमों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ सहभागिता के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त सर्कुलर इकोनॉमी, पर्यावरण अनुकूल नवाचारों एवं सतत विकास की अवधारणाओं को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा। यह साझेदारी विद्यार्थियों को शोध एवं व्यवहारिक अनुभव के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक और उत्तरदायी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कुमार बहल ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रकृति संरक्षण एवं सतत विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।डॉ. अमिता रानी, डीन अकादमिक्स, ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह सहयोग विद्यार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करेगा तथा उन्हें सतत विकास के लक्ष्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।इस अवसर पर डॉ. विपुल शर्मा, पुष्पराज (प्रांत संयोजक, स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट, हिमाचल प्रदेश), शोधार्थी चंदन, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन एवं सतत विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण एवं समाजहित में ऐसे जन-जागरूकता अभियानों को निरंतर आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।