हंसराज महिला महाविद्यालय, जालन्धर में प्राचार्या डॉ. श्रीमती एकता खोसला जी के कुशल दिशा-निर्देशन में ‘वैदिक अध्ययन समिति’ एवम् ‘संस्कृत’ तथा ‘संगीत विभाग’ के सौजन्य से महात्मा हंसराज जी का जन्म-दिवस पूर्ण उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्राओंं ने वैदिक भजनों की प्रस्तुति देकर समय बांधा। इस समारोह का उद्देश्य महात्मा जी के जीवन से विद्यार्थी वर्ग को प्रेरणा देना, वैदिक संस्कृति एवम् संस्कारों को संगीत के माध्यम से पहुँचाना था। इस अवसर पर डीन यूथ वैलफेयर डॉ. नवरूप ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा जी का व्यक्तित्व हम सबके लिए एक प्रेरणा है एवम् पथ प्रदर्शक है। डीन वैदिक अध्ययन डॉ. ममता ने कहा कि हमारी संस्था महात्मा जी के नाम पर है और उनके डी.ए.वी. संस्थानों के प्रति योगदान को कभी भुलाया नहीं किया जा सकता। संगीत विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सागर ने उनकी अवैतनिक सेवा के प्रसंग को सभी के साथ सांझा किया। संस्कृत विभागाध्यक्षा डॉ. मीनू तलवाड़ ने महात्मा जी के जीवन से जुड़े कुछ प्रमुख प्रसंगों को सभी के साथ सांझा किया। इस अवसर पर कु. दिया, कु. सुक्रीति, कु. सहज, कु. निर्जला, कु. शिवानी, कु. ईशा, कु. अंजलि, कु. कृष्का ने ‘मुझ में ओम् तुझ में ओम्’, ‘भारत प्यारा प्यारा देश हमारा’, ‘वैदिक धर्म की जय हो’, ‘डी.ए.वी. जय जय’ इत्यादि भजनों एवम् देश भक्ति के गीतों से वातावरण को संगीतमय बना दिया। सभी ने भाव-विभोर होकर इसका आनन्द लिया और सेवा, समर्पण, त्याग की प्रतिमूर्ति महात्मा हंसराज जी को याद किया।