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एनआईटी जालंधर ने लघु उद्योग भारती के साथ उद्योग–शैक्षणिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया

डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जालंधर ने 27 अगस्त 2026 को संस्थान में लघु उद्योग भारती (LUB) के प्रतिनिधियों के साथ उद्योग–शैक्षणिक संवाद का आयोजन किया। इस संवाद का उद्देश्य उद्योगों के सामने आ रही चुनौतियों और उनकी तकनीकी जरूरतों को समझना, यह पहचानना कि संस्थान की विशेषज्ञता और सुविधाएं उद्योगों की जरूरतों को किस तरह पूरा करने में मदद कर सकती हैं, तथा समस्याओं के मिलकर समाधान, तकनीक के विकास और उद्योग–शिक्षा के बीच लंबे समय तक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करना था। कार्यक्रम में जालंधर, होशियारपुर, गोराया और फगवाड़ा के उद्योगों से जुड़े 20 प्रतिनिधियों के साथ संस्थान के विभिन्न विभागों और केंद्रों के विभागाध्यक्ष, समन्वयक और शिक्षक भी शामिल हुए।
प्रो. अजय बंसल, डीन, उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय मामले, एनआईटी जालंधर ने लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उद्योग तथा शिक्षा जगत के बीच नियमित संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने ज्ञान साझा करने, नए विचारों को बढ़ावा देने और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप काम करने के महत्व पर भी बात की। लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अरविंद धूमल ने उद्योगों की आवश्यकताओं और चुनौतियों से जुड़े अपने विचार साझा किए तथा एनआईटी जालंधर की तकनीकी एवं शैक्षणिक क्षमताओं के साथ उद्योगों के जुड़ाव के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रो. टी. श्रीनिवास, प्रमुख, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग; डॉ. राकेश कुमार शर्मा, प्रमुख, इंडस्ट्रियल एंड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग विभाग; डॉ. दुश्यंत सिंह, प्रमुख, सेंट्रल वर्कशॉप; तथा डॉ. हरप्रीत सिंह, समन्वयक, इंस्टीट्यूट इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर (IIC) ने अपनी टीमों के साथ संस्थान की प्रयोगशालाओं, तकनीकी सुविधाओं, शोध कार्यों और उद्योगों के लिए उपयोगी क्षेत्रों के बारे में जानकारी साझा की। इसके बाद, लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने सेंट्रल वर्कशॉप, इंस्टीट्यूट इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर (IIC), मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग और इंडस्ट्रियल एंड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग (IPE) विभाग की सुविधाओं का दौरा किया। इस दौरान उन्हें संस्थान में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं और विभिन्न क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। इंडस्ट्री एवं इंटरनेशनल अफेयर्स के एसोसिएट डीन, डॉ. सौरभ कांगो और डॉ. प्रज्ञा रंजन राउत ने भी कार्यक्रम के आयोजन में योगदान दिया और संवाद को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग किया।
इस अवसर पर एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने उद्योग और शिक्षा जगत के बीच मजबूत साझेदारी को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और आपसी सहयोग के माध्यम से सार्थक कार्य करने के महत्व पर जोर दिया । उन्होंने नवाचार, ज्ञान और तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान के लिए उद्योग और संस्थानों के बीच नियमित संवाद को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से उद्योगों की आवश्यकताओं को समझने, नए विचारों को आगे बढ़ाने और मिलकर सार्थक कार्य करने के अवसर मिलते हैं।
कार्यक्रम के अंत में उद्योग प्रतिनिधियों और संस्थान के सदस्यों के बीच संवाद हुआ, जिसमें उद्योगों की जरूरतों, आपसी रुचि के क्षेत्रों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गई। यह संवाद उद्योग और एनआईटी जालंधर के बीच बेहतर समझ और आगे के जुड़ाव की दिशा में उपयोगी रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग के लिए लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों, विभागाध्यक्षों, समन्वयकों, शिक्षकों और सहयोगी कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। यह पहल संस्थान के उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय मामले द्वारा उद्योगों के साथ संस्थान के संबंधों को मजबूत करने और ज्ञान व तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही।

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