
एनआईटी जालंधर में सामग्री की जाँच की आधुनिक तकनीकों पर शॉर्ट-टर्म कोर्स आयोजित

डॉ. बी. आर. अंबेडकर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जालंधर के रसायन विज्ञान विभाग ने 21 से 25 अक्टूबर 2026 तक “मटेरियल कैरेक्टराइजेशन (पदार्थों के लक्षण-निर्धारण) के लिए उन्नत विश्लेषणात्मक तकनीकें” विषय पर पांच दिवसीय अल्पकालिक पाठ्यक्रम (शॉर्ट-टर्म कोर्स) आयोजित किया। इस पाठ्यक्रम में IIT, NIT, केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों और मास्टर छात्रों ने भाग लिया।
इस पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को पदार्थों के लक्षण-निर्धारण (characterization) के लिए उपयोग की जाने वाली उन्नत विश्लेषणात्मक तकनीकों के बारे में अपनी समझ बढ़ाने का अवसर प्रदान करना था। इस कार्यक्रम का लक्ष्य सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ना और प्रतिभागियों को आधुनिक उपकरणों के सिद्धांतों, कार्यप्रणाली, डेटा की व्याख्या और उनके शोध-संबंधी उपयोगों से परिचित कराना था।
उद्घाटन सत्र में डीन (अनुसंधान एवं परामर्श) प्रो. रोहित मेहरा, रसायन विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. उमा शंकर, प्रो. एन. सी. कोठियाल, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. साधिका खुल्लर, डॉ. किरण सिंह, डॉ. पूनम रानी और डॉ. मनीषा देवी उपस्थित थे। प्रो. रोहित मेहरा ने पदार्थों के उन्नत लक्षण-निर्धारण के लिए विश्लेषणात्मक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। 21 अक्टूबर 2026 को IIT रोपड़ की डॉ. नेहा सरदाना ने “माइक्रोस्कोपिक तकनीकें” (सूक्ष्मदर्शी तकनीकें) विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। इस सत्र में पदार्थों की संरचना (morphology), सतह की विशेषताओं, सूक्ष्म-संरचना (microstructure) और अन्य महत्वपूर्ण गुणों को समझने में माइक्रोस्कोपी (सूक्ष्मदर्शी तकनीक) की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। प्रतिभागियों ने सामग्री अनुसंधान में माइक्रोस्कोपिक विश्लेषण के महत्व और प्राप्त परिणामों की व्याख्या करने के बारे में जानकारी प्राप्त की।
यह पांच दिवसीय कार्यक्रम पदार्थों की संरचना, संयोजन, रूप-रचना (morphology) और गुणों के अध्ययन में उन्नत विश्लेषणात्मक उपकरणों के महत्व और उनके अनुप्रयोगों को समझने के लिए तैयार किया गया था। तकनीकी सत्रों ने आमंत्रित विशेषज्ञों और प्रतिभागियों के बीच संवाद के लिए एक मंच प्रदान किया, जिससे वैज्ञानिक चर्चाओं और शोध अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिला।
संस्थान के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने इस पहल की सराहना की और सामग्री अनुसंधान को आगे बढ़ाने में ऐसे कोर्सों के महत्व पर जोर दिया।
यह कार्यक्रम रसायन विज्ञान विभाग, आमंत्रित विशेषज्ञों और आयोजन टीम के सामूहिक प्रयासों से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विभाग ने संस्थान प्रशासन और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस पाठ्यक्रम के आयोजन में अपना सहयोग और समर्थन दिया।



