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एपीजे स्कूल, महावीर मार्ग में दादा-दादी के सम्मान में विशेष समारोह का आयोजन

श्री मति सुषमा पाॅल बर्लिया (चेयरपर्सन एपीजे एजुकेशन, सह-संस्थापक और चांसलर, एपीजे सत्य विश्वविद्यालय, चेयरपर्सन और अध्यक्ष, एपीजे सत्य और स्वर्ण ग्रुप, चेयरपर्सन एपीजे सत्य एजुकेशन रिसर्च) के आशीर्वाद से एपीजे स्कूल, महावीर मार्ग, जालंधर मे शुक्रवार, 23 अक्तूबर को प्री प्राइमरी विंग में दादा-दादी दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया | यह विशेष दिन दादा-दादी द्वारा अपने पोते-पोतियों के जीवन में निभाई गई अमूल्य भूमिका को सम्मानित करने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से समर्पित था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के प्रति आदर, स्नेह और पारिवारिक मूल्यों के महत्त्व से परिचित करवाना था।

समारोह का शुभारंभ प्रधानाचार्य श्री यशपाल शर्मा जी , उप-प्रधानाचार्या श्रीमती आरती शोरी भट्ट,प्री -प्राइमरी इंचार्ज श्रीमती जागृति शर्मा, प्राइमरी इंचार्ज श्रीमती प्रियंका शेखो द्वारा
अतिथियों का स्वागत कर दीप प्रज्वलन कर किया गया। इसके पश्चात प्रधानाचार्य श्री यशपाल शर्मा जी ने कार्यक्रम के महत्त्व पर प्रकाश डाला तथा विद्यालय की तरह से स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया।

नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से समारोह को यादगार बना दिया। नर्सरी के विद्यार्थियों ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि एल.के.जी के बच्चों ने आकर्षक नृत्य के माध्यम से सभी का मन मोह लिया। विद्यालय में नवनिर्मित संगीत स्टूडियो द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया। तथा कक्षा पहली और दूसरी के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नाटक, गीत और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह के विशेष आकर्षण रहे। विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास से उपस्थित अतिथियों की सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम में की बोर्ड वादन की प्रस्तुतियों ने समारोह में उल्लास का वातावरण बनाया। इसके अतिरिक्त दादी-नानियों एवं दादा-नानाओं के लिए मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दादा-दादी की विशेष प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी भावपूर्ण एवं आनंदमय बना दिया।

समारोह के अंत में उप-प्रधानाचार्या श्रीमती आरती शोरी भट्ट जी ने सभी मौजूद सदस्यों का धन्यवाद किया,इसके पश्चात पुरस्कार एवं उपहार वितरित किए गए और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ।

यह आयोजन विद्यार्थियों और उनके दादा-दादी के बीच प्रेम एवं भावनात्मक जुड़ाव को सुदृढ़ करने का एक सुंदर अवसर बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि दादा-दादी परिवार की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका अनुभव, स्नेह और मार्गदर्शन बच्चों के जीवन को संस्कारों एवं सकारात्मक मूल्यों से समृद्ध बनाता है।

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