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बंद होने लगे इन देशों के स्कूल और ऑफिस, जाने क्यों

दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बारूद बरस रहा है लेकिन इसकी तपिश एशिया के दफ्तरों और क्लासरूम तक महसूस की जा रही है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने से खाड़ी देशों से आने वाला 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन का तेल प्रवाह रुक गया है। इस सप्लाई चेन के टूटने से थाईलैंड, वियतनाम और पाकिस्तान जैसे देशों में ईंधन का अकाल पड़ गया है जिसके बाद वर्क फ्रॉम होम और स्कूल बंदी जैसे आपातकालीन कदम उठाए गए हैं।दरअसल एशिया को मिलने वाला अधिकांश तेल समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से होकर गुजरता है। युद्ध की वजह से ईरान ने इस संकरे रास्ते पर पहरा लगा दिया है। जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे बड़े देश अब अपनी जरूरतों के लिए अपने इमरजेंसी ऑयल रिजरब खोलने पर विचार कर रहे हैं। ताइवान और दक्षिण कोरिया में तेल की कीमतें 30 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की आशंका है।फिलहाल पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य है लेकिन विमान ईंधन महंगा होने से हवाई किराए 15% तक बढ़ गए हैं। एलपीजी की डिलीवरी में भी देरी हो रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं।

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