डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के स्नातकोत्तर प्राणीशास्त्र विभाग ने 6 जून 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026’ अत्यंत उत्साह और गरिमा के साथ मनाया। यह कार्यक्रम ‘डार्विन जूलॉजिकल सोसाइटी’ के तत्वावधान में, पंजाब जैव विविधता बोर्ड के सहयोग से तथा पंजाब राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के प्रयोजन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय “वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना” (Acting Locally for Global Impact) था, जिसके माध्यम से जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर बल दिया गया तथा विद्यार्थियों को पर्यावरणीय सततता की दिशा में सक्रिय योगदान हेतु प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के संरक्षण में सम्पन्न हुआ। विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत पुरी ने कार्यक्रम के लिए शैक्षणिक नेतृत्व एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। आयोजन सचिव के रूप में डॉ. अभिनय ठाकुर तथा डॉ. पंकज बग्गा ने कार्यक्रम का समन्वय किया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ डॉ. अभिनय ठाकुर द्वारा विशिष्ट वक्ता के औपचारिक स्वागत एवं परिचय के साथ हुआ। वरिष्ठ उप-प्राचार्य डॉ. कुॅंवर राजीव ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया तथा अपने संबोधन में सतत विकास की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए जैव विविधता संरक्षण में युवाओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने-अपने समुदायों में जैव विविधता संरक्षण के सक्रिय प्रतिनिधि बनने का आह्वान किया।

मुख्य वक्तव्य

मुख्य वक्तव्य डी.ए.वी.श्वविद्यालय, जालंधर के कृषि विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर एवं कृषि तथा जैव विविधता संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष शर्मा द्वारा दिया गया। उन्होंने सतत विकास और जैव विविधता संरक्षण पर केंद्रित अत्यंत ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने तीव्र शहरीकरण, आवास-विनाश, जलवायु परिवर्तन तथा प्राकृतिक पारितंत्रों पर बढ़ते मानवीय दबाव से उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रजातीय विविधता के पारिस्थितिक महत्व को स्पष्ट करते हुए वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यावरण शिक्षा तथा सामुदायिक सहभागिता को संरक्षण का आधार बताया। विभिन्न वास्तविक उदाहरणों और अध्ययन-प्रकरणों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को टिकाऊ जीवन-शैली अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया।

आयोजित प्रतियोगिताएँ

जैव विविधता संरक्षण विषयक पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता

जैव विविधता संरक्षण के संदेशों को रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से प्रस्तुत करने की प्रतियोगिता।

जैव विविधता फोटोग्राफी प्रतियोगिता

वन्यजीव, पक्षियों, कीटों तथा प्राकृतिक आवासों की छायाचित्रण प्रतियोगिता।

‘श्रेष्ठ अपशिष्ट से उपयोगी वस्तु’ प्रतियोगिता

अपशिष्ट सामग्री का उपयोग कर उपयोगी एवं रचनात्मक वस्तुएँ बनाने की प्रतियोगिता।

जैव विविधता प्रदर्शनी

जैव विविधता संरक्षण, पारिस्थितिकी एवं प्राकृतिक संसाधनों से संबंधित प्रदर्शनों की प्रस्तुति।

इन प्रतियोगिताओं में विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपनी सृजनात्मकता, पर्यावरणीय चेतना और जैव विविधता संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का परिचय दिया। विजेताओं को प्रमाणपत्र, स्मृति-चिह्न एवं पर्यावरण-अनुकूल उपहार स्वरूप पौधे प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। विशेष अतिथियों में उप-प्राचार्या प्रो. सोनिका दानिया, प्रो. शरद मनोचा तथा डॉ. रेणुका मल्होत्रा (प्रभारी, कॉलेजिएट विद्यालय) उपस्थित रहे। आयोजन समिति के सदस्यों—डॉ. दीपक वधावन, डॉ. ऋषि कुमार, डॉ. कपिला महाजन और डॉ. पंकज बग्गा—तथा गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों ने कार्यक्रम की सफलता में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया।

कार्यक्रम का समापन डार्विन जूलॉजिकल सोसाइटी की अध्यक्ष प्रो. पूजा शर्मा के औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य वक्ता, आयोजन दल, पंजाब जैव विविधता बोर्ड तथा भारत सरकार की राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग एवं आर्थिक सहायता से यह आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।