
डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी के शिक्षकों की बड़ी अकादमिक उपलब्धि: ब्रैसिका सब्जियों पर स्कोपस इंडेक्स्ड पुस्तक प्रकाशित

डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर यूनिवर्सिटी का गौरव बढ़ाया है। यूनिवर्सिटी के कृषि विज्ञान विभाग के शिक्षकों द्वारा ब्रैसिका सब्जियों के पोषक गुणों और मानव स्वास्थ्य के लिए उनके लाभों पर लिखी गई पुस्तक को प्रतिष्ठित वैश्विक स्कोपस डेटाबेस में स्थान मिला है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की उच्चस्तरीय शोध गतिविधियों और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
‘न्यूट्रिशनल बायोकेमिस्ट्री एंड हेल्थ बेनिफिट्स ऑफ ब्रैसिका वेजिटेबल्स’ शीर्षक वाली इस पुस्तक के सह-लेखक डॉ. शिवम शर्मा, सहायक प्रोफेसर तथा डॉ. आशुतोष शर्मा, एसोसिएट डीन, कृषि विज्ञान संकाय हैं। इस पुस्तक को तीन अन्य विषय विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है।
पुस्तक में ब्रोकोली, केल, पत्तागोभी और सरसों जैसी सब्जियों के पोषक तत्वों, औषधीय गुणों तथा मानव स्वास्थ्य के लिए उनके महत्व पर विस्तृत वैज्ञानिक जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि इन सब्जियों में मौजूद ग्लूकोसिनोलेट्स और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को कई गंभीर बीमारियों तथा कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पुस्तक कृषि विज्ञान, पोषण विज्ञान और स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में कार्यरत शोधकर्ताओं एवं विशेषज्ञों के लिए एक महत्वपूर्ण अकादमिक संदर्भ साबित होगी।
इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने पुस्तक का औपचारिक विमोचन किया और लेखकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डी.ए.वी. विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि ऐसे उच्चस्तरीय शोध कार्यों को भी प्रोत्साहित करना है, जो समाज और मानवता के लिए उपयोगी साबित हों। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शोध कार्य विश्वविद्यालय की अकादमिक पहचान को और मजबूत करते हैं तथा वैश्विक स्तर पर ज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. एस. के. अरोड़ा ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित स्कोपस डेटाबेस में दर्ज पुस्तक का प्रकाशन करना पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की अकादमिक उपलब्धियां शिक्षकों की मेहनत, विषय विशेषज्ञता और शोध के प्रति उनके समर्पण को दर्शाती हैं। विश्वविद्यालय अपने शिक्षकों और शोधार्थियों को नई शोध पहलों तथा अकादमिक उपलब्धियों के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा।
डॉ. आशुतोष शर्मा और डॉ. शिवम शर्मा ने इस उपलब्धि में विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से मिले निरंतर सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
उल्लेखनीय है कि यह पुस्तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हुई है तथा



