
नेपाल में दूसरी बाढ़ की चेतावनी, मरने वालों की संख्या 500 हुई

नेपाल: नेपाल-तिब्बत सीमा पर ग्लेशियर टूटने और एवलांच आने के बाद भयानक जलप्रलय ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में अब तक 500 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि सीमा के दोनों तरफ से लगभग 1,468 लोग गायब हैं। मलबे, टूटी सड़कों और ढहे हुए पुलों के बीच राहत और बचाव दल लगातार लोगों को निकालने में जुटे हैं। दूसरी तरफ, भूटे कोशी नदी के ऊपरी इलाके में एक नई झील बनने से दोबारा बाढ़ आने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है।भारत अपने 290 नागरिकों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि बचाव दल टूटी हुई सड़कों, बहे हुए पुलों और कीचड़ व मलबे के ढेर से जूझ रहे हैं।नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने के बाद शहर और गांव तबाह हो गए और घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए। रसुवा और नुवाकोट में पूरी की पूरी बस्तियां कीचड़ और मलबे की मोटी परतों के नीचे दब गईं, जबकि भूटे कोशी नदी प्रणाली से नीचे की ओर बहती बाढ़ के कारण पनबिजली परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा।बचाव दल नदी के किनारों और अलग-थलग पड़ी बस्तियों में बचे हुए लोगों की तलाश कर रहे हैं और बहकर आए शवों को निकाल रहे हैं, लेकिन खतरा अभी टला नहीं है। भूटे कोशी नदी प्रणाली के स्रोत के पास बनी एक नई झील ने यह डर पैदा कर दिया है कि उसके टूटने से पानी का एक और तेज़ बहाव आ सकता है।



