
Apeejay Institute of Management & Engineering Technical Campus में स्वर्गीय डॉ. सत्य पॉल, संस्थापक अध्यक्ष, Apeejay Education Society की धर्मपत्नी श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी की चौदहवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। यह श्रद्धापूर्ण आयोजन भक्ति, आध्यात्मिक चिंतन एवं मधुर भजनों से ओत-प्रोत रहा। प्रार्थना सभा का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके उपरांत निदेशक डॉ. राजेश बग्गा एवं संस्थान के संकाय सदस्यों द्वारा श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी को भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर Mrs. Sushma Paul Berlia, chairperson , Apeejay Education ने श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी को स्नेहपूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें एक प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व बताया, जिनके विश्वास, संवेदनशीलता एवं समर्पण के मूल्य आज भी पीढ़ियों को प्रेरित कर रहे हैं।
श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी को एक अत्यंत सौम्य एवं सरल स्वभाव की महिला के रूप में स्मरण किया गया। इस अवसर पर निदेशक निदेशकने श्रीमती राजेश्वरी पॉल के भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रति प्रेम और उनके आध्यात्मिक स्वभाव पर प्रकाश डाला। डॉ. बग्गा ने आधुनिक जीवन की व्यस्तताओं के बीच आध्यात्मिक स्वास्थ्य के महत्व को भी रेखांकित किया।उन्होंने सभी को प्रतिदिन कुछ समय प्रार्थना, ध्यान और आत्मचिंतन जैसे आध्यात्मिक कार्यों के लिए समर्पित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने आगे बताया कि श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी और संस्थापक अध्यक्ष डॉ. सत्या पॉल जी ने अपने घर में एक मंदिर बनवाया था, जहाँ वे प्रायः साथ बैठकर भजन एवं स्तुतियाँ गाया और सुना करते थे। यह उनकी गहरी आध्यात्मिक आस्था, सांस्कृतिक मूल्यों एवं समर्पण का प्रतीक था।
Dr. Rajesh Bagga ने आगे कहा कि श्रीमती राजेश्वरी पॉल जी का आध्यात्मिक व्यक्तित्व अपने आसपास के लोगों के जीवन में सकारात्मकता एवं आशावाद का संचार करता था। उन्होंने उन्हें एक करुणामयी एवं संवेदनशील बताते हुए कहा कि वे समाजसेवा एवं परोपकारी कार्यों में सक्रिय रहीं तथा शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उन्होंने कहा, “वे उन व्यक्तित्वों में से थीं, जिन्होंने स्वयं से ऊपर उठकर अनेक लोगों के जीवन में आशा और विश्वास का संचार किया तथा उनके जीवन को अधिक सुंदर एवं सार्थक बनाया।”