

जालंधर, 28 अक्टूबर 2026। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय (JKBO) की ओर से विश्व मानक दिवस-2026 के उपलक्ष्य में जालंधर में स्टेकहोल्डर कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। इस वर्ष का विषय “बेहतर दुनिया के लिए साझा दृष्टिकोण—सतत विकास लक्ष्य-7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा” रहा। कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य उद्योगों में गुणवत्ता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानकीकरण को प्रोत्साहित करना, टिकाऊ विनिर्माण को बढ़ावा देना, ऊर्जा दक्षता सुनिश्चित करना तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भारतीय मानकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
इस कार्यक्रम में उद्योगों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), शिक्षण संस्थानों, सरकारी विभागों, तकनीकी संस्थानों, परीक्षण प्रयोगशालाओं, औद्योगिक संगठनों और मीडिया से जुड़े करीब 200 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कॉन्क्लेव में उद्योग जगत, तकनीकी विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और बीआईएस अधिकारियों ने उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा, बीआईएस प्रमाणन, टिकाऊ औद्योगिक प्रक्रियाओं और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत बनाने में मानकों की भूमिका पर विचार-विमर्श किया।
गणमान्य अतिथियों ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम में डॉ. बी.आर. आंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), जालंधर के रजिस्ट्रार प्रो. अनीश कुमार सचदेवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हैंड टूल्स (CIHT), जालंधर के प्रिंसिपल डायरेक्टर श्री पी.के. वर्मा ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। यूनाइटेड फोरम ऑफ इंडस्ट्री एंड ट्रेड, जालंधर के अध्यक्ष श्री नरिंदर सिंह सग्गू तथा द इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन फाउंड्रीमेन, जालंधर के संयुक्त सचिव श्री विशाल गौतम विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर बीआईएस जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय के वैज्ञानिक-ई/निदेशक एवं प्रमुख श्री जीवनंदम डी., वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री कुंदन गिरि, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री वेसालापु अविनाश बाबू, वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ और शिक्षाविद भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के पंजीकरण के साथ हुई। इसके बाद उद्घाटन सत्र और स्वागत संबोधन आयोजित किया गया। श्री जीवनंदम डी. ने अपने संबोधन में उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा, विश्वसनीयता और स्थिरता सुनिश्चित करने में भारतीय मानकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता व्यवस्था को मजबूत करने तथा विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में मानकों को अपनाने के लिए बीआईएस, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और सरकारी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।
स्वच्छ ऊर्जा और तकनीकी नवाचार पर दिया जोर
मुख्य अतिथि प्रो. अनीश कुमार सचदेवा ने अपने संबोधन में सतत विकास लक्ष्य-7 यानी सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा को हासिल करने के लिए शिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और गुणवत्ता आधारित कार्यप्रणालियां उभरती औद्योगिक चुनौतियों का समाधान करने तथा सतत विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने भारतीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए गुणवत्ता संस्कृति विकसित करने और नवाचार को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि श्री पी.के. वर्मा ने गुणवत्ता आधारित विनिर्माण को बढ़ावा देने और हैंड टूल्स क्षेत्र को मजबूत बनाने में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास तथा उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण के महत्व को रेखांकित किया।
विशेष अतिथि श्री नरिंदर सिंह सग्गू और श्री विशाल गौतम ने गुणवत्ता आश्वासन, मानकीकरण तथा उद्योग संगठनों, निर्माताओं और अन्य हितधारकों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए।
बीआईएस के वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री कुंदन गिरि ने कॉन्क्लेव के उद्देश्यों की जानकारी दी और विश्व मानक दिवस-2026 के संदेश को साझा करते हुए गुणवत्ता जागरूकता, टिकाऊ विनिर्माण, ऊर्जा दक्षता तथा भारतीय मानकों को व्यापक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर पैनल चर्चा
कॉन्क्लेव का प्रमुख आकर्षण चार महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों पर आयोजित पैनल चर्चाएं रहीं। इनमें उद्योग प्रतिनिधियों, तकनीकी संस्थानों और शिक्षाविदों ने टिकाऊ विनिर्माण, गुणवत्ता आश्वासन, ऊर्जा दक्षता तथा औद्योगिक विकास में भारतीय मानकों की भूमिका पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
1. स्पोर्ट्स गुड्स एवं फुटवियर उद्योग: इस सत्र में उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा, टिकाऊ विनिर्माण और मानकीकरण के माध्यम से उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने पर चर्चा हुई। एनआईवीआईए स्पोर्ट्स सहित विभिन्न उद्योग प्रतिनिधियों ने तकनीकी विकास, विनिर्माण प्रक्रियाओं और गुणवत्ता आश्वासन से जुड़े पहलुओं पर अपने विचार रखे।
2. हैंड टूल्स एवं फास्टनर्स उद्योग: इस चर्चा में सटीक विनिर्माण, गुणवत्ता आश्वासन, भारतीय मानकों के अनुरूप उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों ने उत्पादन क्षमता में सुधार, बेहतर औद्योगिक प्रक्रियाएं अपनाने और बाजार की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने पर विचार साझा किए। इस पैनल में ईईपीसी इंडिया, इंदर इंडस्ट्रीज और डी नीर्स टूल्स लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
3. वाल्व एवं फ्लो-कंट्रोल उत्पाद: इस सत्र में विश्वसनीय और ऊर्जा दक्ष वाल्व उत्पादों, उनकी कार्यक्षमता, परीक्षण, प्रमाणन और औद्योगिक सुरक्षा के महत्व पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि मानकीकृत वाल्व औद्योगिक संचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और टिकाऊ औद्योगिक प्रक्रियाओं को प्रोत्साहित करने में सहायक हैं। इस पैनल में लीडर वाल्व्स लिमिटेड, ज़ोलोटो इंडस्ट्रीज और जेबीएस टेस्टिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल हुए।
4. पंप एवं मोटर उद्योग: इस चर्चा में मानकीकृत पंप और मोटरों के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण, जल प्रबंधन में सुधार, परिचालन संबंधी नुकसान कम करने और टिकाऊ औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर विचार किया गया। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना के सिंचाई अभियांत्रिकी विभाग के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जगराज सिंह मरोक ने अन्य क्षेत्रीय प्रतिनिधियों के साथ पंप परीक्षण, कार्यक्षमता के मूल्यांकन और उपकरणों के उचित चयन से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर जानकारी साझा की। इस सत्र में कलसी मेटल वर्क्स और सैंटेक इलेक्ट्रो सिस्टम के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
इन पैनल चर्चाओं के माध्यम से विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में मानकों के अनुपालन से उत्पादों की गुणवत्ता, परिचालन दक्षता, सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता में सुधार लाने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा हुई।
औद्योगिक प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए उत्पाद और तकनीकें
कॉन्क्लेव के दौरान विभिन्न उद्योगों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जिनमें उत्पादों, तकनीकों और विनिर्माण क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। इन स्टॉलों के माध्यम से निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और आगंतुकों को आपस में संवाद करने तथा गुणवत्ता आधारित उत्पादन प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
प्रदर्शनी में दोआबा कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड, कलसी मेटल वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड, एस्स एस्स के इंजीनियरिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, अजय इंडस्ट्रीज, एचएस हॉलमार्किंग सेंटर, करतार वाल्व्स प्राइवेट लिमिटेड और एनआईवीआईए स्पोर्ट्स सहित विभिन्न संस्थानों ने भाग लिया।
प्रदर्शनी के माध्यम से उत्पादों, विनिर्माण प्रक्रियाओं, गुणवत्ता आश्वासन और लागू भारतीय मानकों के अनुरूप उत्पादन के महत्व के बारे में जानकारी साझा की गई।
विद्यार्थियों के विज्ञान प्रोजेक्ट बने आकर्षण का केंद्र
कॉन्क्लेव में डॉ. बी.आर. आंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, जालंधर और शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू (SKUAST-Jammu) के विद्यार्थियों ने विज्ञान परियोजनाओं के स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों पर विद्यार्थियों ने अपने नवाचारपूर्ण विचारों और तकनीकी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया।
इस पहल का उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को अपने वैज्ञानिक विचार प्रस्तुत करने का मंच उपलब्ध कराना तथा शिक्षा जगत और उद्योगों के बीच संवाद को प्रोत्साहित करना था। विद्यार्थियों की परियोजनाओं ने वैज्ञानिक सोच, नवाचार और तकनीक के व्यावहारिक उपयोग के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में विद्यार्थी विज्ञान परियोजनाओं और अनुसंधान एवं विकास (R&D) पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए पुरस्कार वितरण एवं प्रतिभागियों को सम्मानित करने का आयोजन भी किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तकनीकी उत्कृष्टता और ज्ञान साझा करने की भावना को बढ़ावा देना था।
नए लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं को वितरित किए लाइसेंस दस्तावेज
भारतीय मानकों को व्यापक स्तर पर अपनाने और उद्योगों के साथ सहभागिता मजबूत करने के प्रयासों के तहत बीआईएस जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय ने जालंधर क्षेत्र के नए लाइसेंस प्राप्त निर्माताओं को लाइसेंस संबंधी दस्तावेज वितरित किए।
इस पहल के माध्यम से लागू भारतीय मानकों के अनुरूप उत्पादन, उत्पादों की गुणवत्ता में निरंतरता और उपभोक्ताओं के विश्वास को मजबूत करने के महत्व पर प्रकाश डाला गया। साथ ही निर्माताओं को गुणवत्ता आधारित उत्पादन प्रक्रियाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथियों, उद्योग प्रतिनिधियों और पैनल चर्चा में शामिल विशेषज्ञों को उनके योगदान तथा सहभागिता के लिए सम्मानित भी किया गया।
धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में बीआईएस जम्मू-कश्मीर शाखा कार्यालय के वैज्ञानिक-डी/संयुक्त निदेशक श्री वेसालापु अविनाश बाबू ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। उन्होंने कॉन्क्लेव को सफल बनाने में योगदान देने वाले गणमान्य अतिथियों, उद्योगों, शिक्षण संस्थानों, पैनल विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया।
इस पहल के माध्यम से भारतीय मानक ब्यूरो ने उद्योगों के साथ संपर्क मजबूत करने, भारतीय मानकों एवं बीआईएस प्रमाणन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों सहित अन्य औद्योगिक हितधारकों के बीच गुणवत्ता आधारित विनिर्माण को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कॉन्क्लेव ने टिकाऊ विनिर्माण, ऊर्जा दक्षता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देने में मानकीकरण संस्थाओं, उद्योग जगत, सरकारी संस्थानों और शिक्षाविदों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। यह आयोजन विश्व मानक दिवस-2026 की विषयवस्तु तथा सतत विकास लक्ष्य-7—सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा—के अनुरूप रहा और इसने एक अधिक टिकाऊ, सुरक्षित तथा गुणवत्ता के प्रति जागरूक औद्योगिक व्यवस्था के निर्माण में मानकों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर किया।



