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उद्योगपति के बेटे की खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा

पुणे; पुणे के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान खाई में गिरने से मौत के मामले में एक अहम खुलासा हुआ है जिसमें यह उभर कर सामने आया है कि उसकी मौत गिरने से नहीं बल्कि खाई में धकेलने के कारण हुई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि लोहगढ़ किले में शहर के प्रमुख उद्योगपति के बेटे केतन अग्रवाल की मौत कथित तौर पर एक सुनियोजित हत्या थी। उसे उसकी मंगेतर के प्रेमी ने गहरी खाई में धक्का दिया था और इस हत्याकांड में उसकी मंगेतर भी शामिल है। वहीं, लोनावला पुलिस ने मंगलवार को केतन अग्रवाल मर्डर केस के दो मुख्य आरोपियों, सिया गोयल और चेतन चौधरी को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने जांच के लिए उन्हें 29 जून तक 7 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया। इससे पहले पुलिस ने बताया था कि दोनों आरोपियों को 18 जून को पुणे के पास लोहगढ़ किले में एक खाई में रियल एस्टेट फर्म के डायरेक्टर केतन अग्रवाल को धक्का देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।केतन के पिता विशाल अग्रवाल के अनुसार, 19 जून को जन्मदिन मनाने की बात कहकर सिया गोयल उन्हें 18 जून को लोहगढ़ किले पर लेकर गई थी। परिवार का कहना है कि सुबह करीब 8:20 बजे दोनों घर से निकले थे। इसके बाद लगभग 10:45 बजे सिया की मां का फोन आया और बताया गया कि केतन किले की घाटी में गिर गया है। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक केतन की मौत हो चुकी थी। परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही यह घटना सामान्य दुर्घटना नहीं लगी। उनका आरोप है कि घटनास्थल की परिस्थितियां और बाद की घटनाएं कई सवाल खड़े करती हैं। केतन के चाचा विजय अग्रवाल ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। परिवार का दावा है कि सिया इससे पहले भी कई बार केतन को लोहगढ़ किले पर लेकर गई थी और लगातार वहां जाने के लिए दबाव बना रही थी। परिजनों ने यह भी बताया कि दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता तय हुआ था। जनवरी में परिचय समारोह हुआ था, जबकि फरवरी में रोका संपन्न हुआ। दोनों की शादी नवंबर में होने वाली थी और तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

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