
जालंधर: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Being Human Souls – इंसानियत दे फरिश्ते द्वारा हवेली में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का नेतृत्व संस्था की संस्थापक मीनी कौर सूर एवं हरदीप सिंह द्वारा किया गया, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास (Sustainability) और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम में राज्य पुरस्कार विजेता सुश्री रमनप्रीत कौर, संस्थापक Green Sparrows Project (जो कचरा प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में कार्यरत है) को मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर फगवाड़ा साइक्लिंग क्लब सहित लुधियाना, होशियारपुर, जालंधर एवं आदमपुर से आए अनेक साइकिल चालकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में सुश्री रमनप्रीत कौर ने सतत विकास (Sustainability) की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिवस तक सीमित न रहकर हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) के अंतर्गत सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को शिक्षा से जोड़ा गया है, परंतु इन लक्ष्यों के वास्तविक अर्थ और व्यवहारिक अनुप्रयोग को समझना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प भी दिलाया गया।
कार्यक्रम के अंत में सहभागियों एवं सहयोगियों को धन्यवाद स्वरूप हस्तनिर्मित पर्यावरण-अनुकूल पाउच भेंट किए गए, जो पुनः उपयोग (Reuse) और टिकाऊ जीवनशैली का संदेश देते हैं।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे प्रयास समाज में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और सतत विकास के लक्ष्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण हेतु छोटे-छोटे कदम उठाने का आह्वान किया।
“ग्रीन इंडिया – क्लीन इंडिया” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।