
सीटी ग्रुप में 75 विद्यार्थियों ने सीखी ड्रोन तकनीक व एयरोमॉडलिंग

जालंधर: सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च (सीटीआईटीआर), मकसूदां में ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग पर दो दिवसीय व्यावहारिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक, एयरोमॉडलिंग, विमान के मूल सिद्धांतों और उड़ान संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था।
कार्यशाला में इंजीनियरिंग, कंप्यूटर एप्लीकेशन तथा सीटी पब्लिक स्कूल के 75 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पहले दिन विद्यार्थियों को विमान एवं ड्रोन तकनीक की मूलभूत जानकारी दी गई। इस दौरान लिफ्ट, थ्रस्ट, ड्रैग, भार, स्थिरता एवं नियंत्रण सतहों जैसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों को समझाया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रकार के ड्रोन, उनके उपयोग तथा मोटर, प्रोपेलर, ईएससी, फ्लाइट कंट्रोलर, बैटरी, ट्रांसमीटर, रिसीवर और सेंसर जैसे प्रमुख घटकों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
दूसरे दिन कार्यशाला में व्यावहारिक एयरोमॉडलिंग एवं उड़ान प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया गया। विद्यार्थियों ने एयरोडायनामिक डिजाइन, मॉडल निर्माण सामग्री, विंग एवं फ्यूज़लेज असेंबली, संतुलन, स्थिरता, फ्लाइट कंट्रोल और मॉडल लॉन्चिंग तकनीकों को समझा। विद्यार्थियों ने एक कार्यशील एयर ग्लाइडर तैयार किया, जिसके बाद लाइव एयर ग्लाइडर फ्लाई शो के माध्यम से वायुगतिकी एवं उड़ान सिद्धांतों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मकसूदां के कैंपस डायरेक्टर डॉ. अनुराग शर्मा ने विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की और उन्हें व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से नवाचार एवं उभरती तकनीकों को निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया।
दो दिवसीय कार्यशाला ने विद्यार्थियों को यूएवी तकनीक, एयरोडायनामिक्स, प्रोपल्शन, एयरोमॉडलिंग एवं फ्लाइट ऑपरेशंस की व्यावहारिक समझ प्रदान की। साथ ही, विद्यार्थियों को यूएवी तकनीक, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, एविएशन और एयरोमॉडलिंग में भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराया गया।



