
सीटी यूनिवर्सिटी में उन्नत रॉकेट मॉडलिंग कार्यशाला का आयोजन 15 रॉकेटों का सफल प्रक्षेपण

लुधियाना, पंजाब: सीटी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन लैब द्वारा थ्रस्ट टेक इंडिया के सहयोग से तीन दिवसीय उन्नत रॉकेट मॉडलिंग कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, व्यावहारिक इंजीनियरिंग कौशल, नवाचार और एयरोस्पेस तकनीक के प्रति रुचि को बढ़ावा देना था।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को रॉकेट डिजाइन, वायुगतिकी, स्थिरता, प्रणोदन के मूल सिद्धांतों, एवियोनिक्स, पैराशूट डिजाइन और रिकवरी सिस्टम से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने रॉकेट निर्माण, संयोजन, परीक्षण और आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव भी प्राप्त किया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रॉकेटों का लाइव प्रक्षेपण रहा, जिसके दौरान 15 रॉकेटों का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह पैदा किया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक प्रयोगों से जोड़ने तथा इंजीनियरिंग सिद्धांतों के वास्तविक उपयोग को समझने का अवसर मिला।
इस अवसर पर सीटी यूनिवर्सिटी के प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह ने कहा, “सीटी यूनिवर्सिटी में हमारा मानना है कि शिक्षा तभी प्रभावशाली बनती है, जब विद्यार्थियों को अपने सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक नवाचार में बदलने का अवसर मिलता है। उन्नत रॉकेट मॉडलिंग कार्यशाला जैसी पहलें युवा इंजीनियरों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, आलोचनात्मक सोच और प्रयोग करने की भावना को प्रोत्साहित करती हैं। हम अपने विद्यार्थियों को ऐसे व्यावहारिक शिक्षण अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो उन्हें एयरोस्पेस तकनीक, रोबोटिक्स और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे उभरते क्षेत्रों में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करें।”
डॉ. हरमीत सिंह, प्रमुख, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन विभाग, सीटी यूनिवर्सिटी ने कहा, “इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों को रॉकेट डिजाइन, संयोजन, परीक्षण और लाइव प्रक्षेपण का बहुमूल्य व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया। 15 रॉकेटों का सफल प्रक्षेपण विद्यार्थियों के उत्साह और तकनीकी सहभागिता का प्रमाण है। इस प्रकार की गतिविधियाँ इंजीनियरिंग की बुनियादी समझ को मजबूत करने के साथ-साथ टीमवर्क और समस्या-समाधान क्षमता को विकसित करती हैं तथा विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के उन्नत अनुप्रयोगों की खोज के लिए प्रेरित करती हैं।”
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न तकनीकी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी की, जिससे उनकी समस्या-समाधान क्षमता, टीमवर्क, विश्लेषणात्मक सोच और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की समझ में वृद्धि हुई। इस पहल ने विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों को जानने और रॉकेट विज्ञान, अंतरिक्ष विज्ञान तथा उन्नत इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भविष्य की संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीटी यूनिवर्सिटी और थ्रस्ट टेक इंडिया के बीच यह सहयोग अनुभवात्मक शिक्षा, तकनीकी नवाचार और उद्योग-केंद्रित इंजीनियरिंग शिक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस प्रकार की पहलें विद्यार्थियों को पारंपरिक कक्षा शिक्षण से आगे बढ़कर प्रयोग, रचनात्मकता और वैज्ञानिक अन्वेषण के माध्यम से तकनीकी दक्षताएँ विकसित करने का अवसर प्रदान करती हैं।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागी विद्यार्थियों को उनकी सहभागिता और सीखने की उपलब्धियों के सम्मान में प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस कार्यक्रम की सफल पूर्णता सीटी यूनिवर्सिटी के नवाचार, अनुसंधान और व्यावहारिक तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल युवा प्रतिभाओं को एयरोस्पेस तकनीक और रॉकेट विज्ञान की रोमांचक संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रेरित करती है।
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