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संत निरंकारी मिशन द्वारा पेश की जा रही निस्वार्थ सेवा की अनूठी अवधारणा : चब्बेवाल

फगवाड़ा 24 अप्रैल (शिव कौड़ा ) संत निरंकारी मिशन द्वारा प्रेम एवं भाईचारे की भावना से ओत-प्रोत संत बाबा गुरबचन सिंह की मधुर स्मृति में हर साल की तरह मानव एकता दिवस मनाया गया। इस दौरान संत निरंकारी सत्संग भवन फगवाड़ा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जहां मिशन से जुड़े श्रद्धालुओं के अलावा शहर के अन्य रक्त दाताओं ने 163 यूनिट रक्तदान किया। इस दौरान सांसद डा. राजकुमार चब्बेवाल, विधायक बलविन्द्र सिंह धालीवाल, मेयर रामपाल उप्पल के अलावा ब्लड बैंक फगवाड़ा के प्रधान मलकीयत सिंह रघबोत्रा, ब्लाक समिति फगवाड़ा के पूर्व चेयरमैन गुरदयाल सिंह भुल्लाराई सहित अन्य गणमान्यों ने रक्तदानियों को आशीर्वाद के साथ सर्टीफिकेट भेंट किये। फगवाड़ा शाखा संयोजक मलकीत चंद ने कहा कि यह दिन सिर्फ अच्छे कार्यों को याद करने का अवसर ही नहीं है, बल्कि यह मानवता, सद्भाव और एकता का आध्यात्मिक संगम भी है। उन्होंने बताया कि मानव एकता दिवस के अवसर पर यह रक्तदान शिविर निरंकारी मिशन द्वारा देश भर में रक्तदान अभियान का हिस्सा है। यह प्रक्रिया पूरे वर्ष चलती रहती है। इसके साथ ही सत्संग कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में प्रेम, शांति और सद्भाव का प्रकाश भी फैलाया जाता है। इस वर्ष संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ने पूरे भारत में 500 से अधिक शाखाओं में रक्तदान शिविरों की एक सतत श्रृंखला का आयोजन किया। उन्होंने बाबा गुरबचन सिंह जी की दूरदर्शी सोच को श्रद्धांजलि अर्पित की। जिन्होंने सत्य के ज्ञान के माध्यम से समाज को अंधविश्वासों व बुराइयों से मुक्त कर नशे से मुक्ति दिलाई, सादगीपूर्ण विवाह जैसे जनकल्याणकारी अभियान चलाकर युवाओं को सकारात्मक सोच से जोडऩे का भरसक प्रयास किया। उनके बाद बाबा हरदेव सिंह ने रक्तदान श्रृंखला को मिशन की आध्यात्मिक सेवा का एक अभिन्न अंग बना दिया। उनका अमर संदेश था कि रक्त नालियों में नहीं, बल्कि नसों में बहना चाहिए। यह संदेश आज भी प्रत्येक निरंकारी भक्त के हृदय में सेवा और समर्पण की प्रेरणा के रूप में जीवित है। इस रक्तदान शिविर में सिविल अस्पताल बंगा व ब्लड बैंक फगवाड़ा की विशेषज्ञ टीमों ने भरपूर योगदान दिया। आयोजकों ने कहा कि यह महा अभियान सिर्फ रक्तदान का नहीं है, बल्कि सद्गुरु माता सुदीक्षा जी के दया, सेवा और एकता के संदेश को व्यवहार में लाने का जीवंत माध्यम है। जो सिखाता है कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है। इससे प्रेरित होकर संत निरंकारी मिशन मानवता की सेवा और समर्पण के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

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