भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमित तनेजा ने कहा कि पंजाब सरकार की “अपनी रसोई” योजना वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास है।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों को जो मुफ्त राशन मिल रहा है, वह केंद्र की Narendra Modi सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत दिया जा रहा है।
देशभर में लगभग 80 करोड़ लोगों को हर महीने 5 किलो मुफ्त अनाज दिया जा रहा है। पंजाब में लगभग 40 लाख राशन कार्ड और करीब 1.5 करोड़ लाभार्थी इस योजना से जुड़े हैं।
खाद्यान्न की खरीद और आर्थिक भार केंद्र सरकार उठा रही है, जबकि राज्य केवल वितरण कर रहा है। ऐसे में नई योजना लाकर उसे बड़ी उपलब्धि बताना भ्रामक है।
पंजाब पहले ही लगभग 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में है। यदि 40 लाख परिवारों को किट देने का दावा है, तो सरकार बताए:
• प्रति परिवार लागत कितनी है?
• कुल वार्षिक बजट कितना है?
• फंड का स्रोत क्या है?
प्रदेश की बहनों से ₹1,000 प्रतिमाह देने का वादा किया गया था — वह कब मिलेगा?
बेरोजगारी, उद्योग पलायन और कानून व्यवस्था पर प्रश्न पहले से हैं। बिना वित्तीय स्पष्टता के नई घोषणाएं केवल प्रचार प्रतीत होती हैं।
प्रमुख सवाल:
▪️ “अपनी रसोई” का स्थायी वित्तीय स्रोत क्या है?
▪️ क्या योजना का पूरा बजट और लाभार्थियों का डेटा सार्वजनिक होगा?
▪️ महिलाओं को घोषित आर्थिक सहायता कब मिलेगी?
▪️ क्या केंद्र की योजनाओं का श्रेय लेना बंद होगा?
अंत में अमित तनेजा ने मांग की कि योजना की पूरी वित्तीय और प्रशासनिक रूपरेखा सार्वजनिक की जाए तथा केंद्र द्वारा भेजे जा रहे राशन को अपनी उपलब्धि बताकर जनता को गुमराह करना बंद किया जाए।