
जालंधर; लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी को वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स फॉर इनोवेशन (WURI) 2026 में 78वां स्थान मिला है, जो पिछले साल के 109वें स्थान से एक शानदार बढ़ोतरी है। हज़ारों यूनिवर्सिटी की भागीदारी के साथ, डब्ल्यूयूआरआई संस्थानों का मूल्यांकन केवल उनके एकेडमिक प्रदर्शन के आधार पर ही नहीं, बल्कि उनके रियल वर्ल्ड पर पड़ने वाले प्रभाव के आधार पर भी करता है। यह उन यूनिवर्सिटी को मान्यता देता है जो इनोवेटिव शिक्षा, क्रिएटिविटी समस्या-समाधान और मज़बूत सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से सार्थक बदलाव ला रहे हैं।
एलपीयू ने ग्लोबल स्तर पर 78वां स्थान और भारत में चौथा स्थान हासिल किया। इस दौरान उसने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफ़ोर्निया लॉस एंजिल्स, पर्ड्यू यूनिवर्सिटी, वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी, कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी सांता बारबरा, इंपीरियल कॉलेज लंदन, टोरंटो यूनिवर्सिटी, मैकगिल यूनिवर्सिटी, वाटरलू यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया, नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी बॉम्बे, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी वाराणसी, और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलोजी मद्रास जैसे कई विश्व-प्रसिद्ध संस्थानों को पीछे छोड़ दिया।
श्रेणी-विशिष्ट उपलब्धियों की बात करें तो, एलपीयू ने 15 इनोवेशन-आधारित श्रेणियों में पहचान बनाई। यूनिवर्सिटी ने ‘वित्तीय प्रभाव-आधारित प्रौद्योगिकी ट्रांसफर’ में वैश्विक स्तर पर चौथा और भारत में पहला स्थान हासिल किया; इसके बाद यूनिवर्सिटी -आधारित उद्यमशीलता परियोजनाओं’ में वैश्विक स्तर पर आठवां और भारत में शीर्ष स्थान; तथा ‘स्थिरता के लिए फंडिंग में वैश्विक स्तर पर 11वां और भारत में अग्रणी स्थान प्राप्त किया। एलपीयू ने ‘नैतिकता और अखंडता’ में ग्लोबल स्तर पर 20वां और भारत में पहला स्थान; ‘भविष्य की तैयारी के लिए पाठ्यक्रम इनोवेशन’ में वैश्विक स्तर पर 22वां; कॉस्ट इफेक्टिव मैनेजमेंट में ग्लोबल स्तर पर 29वां; और यूनिवर्सिटी ब्रांड एंड रेपुटेशन’ में वैश्विक स्तर पर 32वां स्थान हासिल किया, जिसमें वह भारत में शीर्ष पर रहा।
इसके अलावा, यूनिवर्सिटी ने इंड्रस्टिएल एप्लीकेशन’ में वैश्विक स्तर पर 36वां स्थान; ‘संकट प्रबंधन’ में वैश्विक स्तर पर 37वां और भारत में पहला स्थान; कल्चर और मूल्य’ में वैश्विक स्तर पर 38वां; ‘इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नॉलोजी में वैश्विक स्तर पर 54वां; और ‘एंटरप्रिन्योर संस्कृति और इकोसिस्टम’ में वैश्विक स्तर पर 55वां स्थान हासिल किया। एलपीयू को ‘स्टूडेंट मोबिलिटी और ओपननेस’, ‘एआई आधारित शिक्षण और सीखने में बदलाव’, और ‘वंचितों के लिए समावेशी सामाजिक नवाचार’ जैसी श्रेणियों में भी खास पहचान मिली है। यह इस बात को दिखाता है कि एलपीयू लगातार इनोवेशन-आधारित, उद्योग-एकीकृत और सामाजिक रूप से प्रासंगिक शिक्षा पर ध्यान दे रहा है।
इस उपलब्धि की सराहना करते हुए, डॉ. अशोक कुमार मित्तल, संसद सदस्य (राज्यसभा) और एलपीयू के फाउंडर चांसलर ने कहा, “यह पहचान उच्च शिक्षा में आए एक बड़े बदलाव को दर्शाती है, जहाँ यूनिवर्सिटी का मूल्यांकन अब उनके द्वारा दी जाने वाली शिक्षा की प्रासंगिकता, अनुकूलनशीलता और सामाजिक प्रभाव के आधार पर किया जा रहा है। आज संस्थानों को पारंपरिक शैक्षणिक मॉडलों से आगे बढ़कर ऐसे इकोसिस्टम बनाने होंगे जो नवाचार, इंटर डिस्पिनली सोच, नैतिक नेतृत्व और वास्तविक दुनिया की चुनौतियों के अनुरूप समस्या-समाधान को बढ़ावा दें।”