
दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि प्रशांत महासागर में अल नीनो की हलचल शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के इस सीजन में अल नीनो का असर और बढ़ सकता है। IMD की जून 2026 की रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो गया है। यह तापमान अब उस स्तर को पार कर चुका है, जिसे अल नीनो की स्थिति माना जाता है।मौसम विभाग ने यह भी बताया कि समुद्र के गर्म होने का असर अब वातावरण पर भी दिखने लगा है। इससे साफ है कि समुद्र और वातावरण मिलकर पूरी तरह अल नीनो की स्थिति बना चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अल नीनो और मजबूत होता है, तो इसका असर मानसून और बारिश के पैटर्न पर पड़ सकता है। इसलिए मौसम विभाग लगातार इस स्थिति पर नजर रखे हुए है। IMD ने अपने बुलेटिन में कहा अभी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के दौरान इसके और मज़बूत होने की उम्मीद है। मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम के अनुमान बताते हैं कि जैसे-जैसे मौसम आगे बढ़ेगा, अल नीनो के और तेज़ होने की संभावना है। बुलेटिन के अनुसार, जून 2026 में मध्य उष्णकटिबंधीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान अल नीनो की सीमा से ऊपर चला गया।अनुमान बताते हैं कि जून-अगस्त के दौरान मध्य प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह के तापमान में यह बढ़ोतरी बनी रहेगी और जुलाई से मध्य और पूर्वी प्रशांत दोनों क्षेत्रों में इसके फैलने और मज़बूत होने की उम्मीद है। नवीनतम मॉडल संकेत देते हैं कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम के ज़्यादातर समय में मध्यम से लेकर मज़बूत अल नीनो की स्थिति बनी रहेगी।