जालंधर:कैपीटौल अस्पताल के डॉक्टरों ने 78 वर्षीय महिला मरीज का हार्ट वाल्व बिना दोबारा ओपन-हार्ट सर्जरी के सफलतापूर्वक बदलकर उन्हें नया जीवन दिया। यह उपचार TAVR (Transcatheter Aortic Valve Replacement) नामक आधुनिक तकनीक से किया गया।
मरीज का कई साल पहले हार्ट वाल्व बदलने का ऑपरेशन हो चुका था। समय के साथ वह वाल्व खराब हो गया, जिसके कारण उन्हें सांस फूलने, जल्दी थकान होने और कमजोरी की समस्या होने लगी। मरीज की अधिक उम्र और पहले हार्ट ऑपरेशन हो चुके होने के कारण दोबारा ओपन-हार्ट सर्जरी करना काफी जोखिम भरा माना गया।
सभी जरूरी जांचों के बाद डॉक्टरों ने मरीज के लिए TAVR प्रक्रिया का चयन किया। इस आधुनिक तकनीक की मदद से बिना किसी बड़ी चीर-फाड़ के हार्ट का खराब वाल्व बदला जाता है और मरीज को ओपन-हार्ट सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती। इस प्रक्रिया में डॉक्टर Blood Vessel (रक्त वाहिका) के माध्यम से एक पतली ट्यूब (कैथेटर) शरीर के अंदर पहुंचाते हैं और खराब हो चुके वाल्व के अंदर नया वाल्व लगा देते हैं। इससे मरीज को बड़े ऑपरेशन से बचाया जा सकता है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मरीज को कम दर्द होता है, जटिलताओं का खतरा कम रहता है, अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है और वह जल्दी स्वस्थ होकर अपने सामान्य जीवन में लौट सकता है। यह प्रक्रिया विशेष रूप से बुजुर्ग और अधिक जोखिम वाले मरीजों के लिए बहुत लाभदायक मानी जाती है।
यह जटिल प्रक्रिया कैपीटौल अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सी. एस. प्रुथी के मार्गदर्शन तथा, मेडिकल डायरेक्टर एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हरनूर सिंह प्रुथी, डॉ. अजीतपाल सिंह (कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट) तथा कार्डियोलॉजी टीम द्वारा सफलतापूर्वक की गई। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और वह अब स्वस्थ एवं स्थिर हैं।
इस अवसर पर कैपीटौल अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सी. एस. प्रुथी ने कहा, “TAVR जैसी आधुनिक तकनीकें मरीजों को सुरक्षित और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हमारा प्रयास है कि मरीजों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और नवीनतम उपचार तकनीकों का लाभ मिल सके।”
कैपीटौल अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हरनूर सिंह प्रुथी ने कहा, “TAVR ने हार्ट वाल्व के उपचार को काफी आसान और सुरक्षित बना दिया है। खासकर बुजुर्ग और उच्च जोखिम वाले मरीजों के लिए यह तकनीक किसी वरदान से कम नहीं है। बिना ओपन-हार्ट सर्जरी के वाल्व बदलने से मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं, अस्पताल में कम समय बिताते हैं और बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसी आधुनिक तकनीकों की मदद से अब उन मरीजों का भी सफल उपचार संभव है, जिनके लिए पारंपरिक सर्जरी करना मुश्किल या जोखिम भरा होता है। हमारा उद्देश्य मरीजों को सबसे सुरक्षित और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराना है।”
कैपीटौल अस्पताल एक अत्याधुनिक मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल है, जहां हृदय रोगों सहित अनेक जटिल बीमारियों का उपचार अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक तकनीक की सहायता से किया जाता है। यह सफल TAVR प्रक्रिया एक बार फिर कैपीटौल अस्पताल को पंजाब और उत्तर भारत के प्रमुख हार्ट केयर एवं मल्टीस्पेशियलिटी अस्पतालों में शामिल करती है।