
जिला बार एसोसिएशन, जालंधर तथा पंजाब की विभिन्न बार एसोसिएशनों की संयुक्त संघर्ष समिति (जे.ए.सी.) के आह्वान पर जिला बार एसोसिएशन, जालंधर द्वारा मंगलवार को एल.ए.डी.सी. (लीगल एड डिफेंस काउंसिल) नीति के विरोध में न्यायिक परिसर के मुख्य द्वार के बाहर प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक सांकेतिक भूख हड़ताल आयोजित की गई। इसके साथ ही जिला बार एसोसिएशन द्वारा पूर्ण “नो वर्क डे” मनाया गया, जिसके चलते अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से पूर्णतः विरत रहकर आंदोलन का समर्थन किया।
भूख हड़ताल में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट आदित्य जैन, सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर, पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट आर.के. भल्ला, पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट ओम प्रकाश शर्मा, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट अशोक शर्मा तथा पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट अमरिंदर सिंह थिंद ने भाग लिया।
इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट राम छाबड़ा, गुरमेल सिंह लिधड़, बी.एस. लक्की, के.पी.एस. गिल एवं बलदेव प्रकाश रल्ह, पूर्व सचिव भूपिंदर सिंह लाली, प्रीतपाल सिंह, तेजिंदर सिंह ढिल्लों एवं रतन दुआ, वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव बंसल एवं दर्शन सिंह दयाल, एडवोकेट वी.के. सरीन, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कंबोज, पूर्व सहायक सचिव संगीता सोनी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सूरज प्रताप, संयुक्त सचिव साहिल मल्होत्रा, सहायक सचिव सोनालिका सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ, युवा एवं महिला अधिवक्ता उपस्थित रहे।
कार्यकारिणी सदस्यों एवं अन्य अधिवक्ताओं में पारस चौधरी, प्रभु धीर, मेहुल खन्ना, विजय मिश्रा, अमानत भगत, पायल, नेहा अत्री, नवनीत नैयर, राकेश धीर, दिनेश जस्सी, आशीष सेखड़ी, मंजीत परमार, मधु शर्मा, हरप्रीत कौर, नेहा गुलाटी, रवीना, सुदेश कुमारी, छाया खुल्लर, राहुल रामपाल शर्मा, निखिल शर्मा, जगत मैनी, अर्श गुप्ता, बलविंदर सिंह कालड़ा, अनिल वर्मा, आदर्श पाल सिंह, मनु महाजन, गौरव आनंद, जतिन आनंद, अमरीक सिंह सैनी, मनीत मल्होत्रा, विकास भारद्वाज, विकास गुप्ता, धीरज, अमनदीप जम्मू, हनी कुमार, सनी कुमार, कुणाल गोयल, हरसिमरन सचदेवा, संदीप कुमार, हितेश शर्मा एवं प्रदीप शर्मा सहित अनेक अधिवक्ताओं ने उपस्थित होकर आंदोलन को समर्थन दिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि एल.ए.डी.सी. नीति वर्तमान स्वरूप में स्वतंत्र वकालत, अधिवक्ताओं के रोजगार तथा न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौतियां उत्पन्न कर सकती है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की अनदेखी कर किसी भी नीति को लागू करना न्यायोचित नहीं है। सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों को बार प्रतिनिधियों के साथ सार्थक संवाद स्थापित कर अधिवक्ताओं की आशंकाओं का शीघ्र समाधान करना चाहिए।
जिला बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से चलाया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने न्यायपालिका के प्रति अपना पूर्ण सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि अपने वैध अधिकारों एवं अधिवक्ता समुदाय के भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
बार एसोसिएशन ने आज के सफल “नो वर्क डे” एवं भूख हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी वरिष्ठ, युवा एवं महिला अधिवक्ताओं सहित बार के प्रत्येक सदस्य का आभार व्यक्त किया। साथ ही घोषणा की गई कि एल.ए.डी.सी. नीति के विरोध में 22 जुलाई, 2026 को भी प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक न्यायिक परिसर, जालंधर के बाहर सांकेतिक भूख हड़ताल जारी रहेगी तथा सभी अधिवक्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की गई