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एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर के डॉ सुमित सिंह ‘पदम’ को SPIC MACAY ने राजस्थान में चार दिवसीय कार्यशाला के लिए किया आमंत्रित

एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स, जालंधर के संगीत विभाग के सहायक प्रोफेसर एवं कलाकार डॉ. सुमित सिंह ‘पदम’ को SPIC MACAY द्वारा राजस्थान के हिंडौन सिटी में आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला में कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने अपने संस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा को विद्यार्थियों तक पहुँचाया।चार दिवसीय इस यात्रा के दौरान डॉ. सुमित ने कई विद्यालयों, जिनमें विभिन्न सरकारी विद्यालय भी शामिल थे, का दौरा किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से परिचित करवाया तथा रोचक प्रस्तुतियों एवं संवादात्मक सत्रों के माध्यम से संगीत के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों को सितार एवं भारतीय शास्त्रीय संगीत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी तथा सितार सीखने में रुचि रखने वाले कुछ विद्यार्थियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
डॉ. सुमित ने अपने इस अनुभव को सांझा करते हुए कहा कि यह अत्यंत समृद्ध एवं संतोषजनक रहा। उन्हें युवा विद्यार्थियों से सीधे संवाद करने तथा उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं संगीत विरासत से जुड़ने के लिए प्रेरित करने का अवसर मिला, उन्होंने कहा कि SPIC MACAY जैसे प्रतिष्ठित मंच के माध्यम से एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और प्रसन्नता का विषय रहा।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. नीरजा ढींगरा ने डॉ सुमित को बधाई देते हुए कहा कि आप इसी तरह सितार- वादन के क्षेत्र में आगे बढ़ते नहीं और केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि आने वाले दिनों में अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाएं। डॉ पदम ने अपनी सफलता का श्रेय प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा,सांस्कृतिक सलाहकार डॉ. अरुण मिश्रा तथा डीन, यूथ फेस्टिवल्स, डॉ. अमिता मिश्रा को दिया।उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत के प्रचार-प्रसार तथा कलाकारों एवं शिक्षकों को युवा पीढ़ी के साथ अपनी कला एवं ज्ञान सांझा करने के अवसर प्रदान करने में उनके निरंतर प्रोत्साहन, मार्गदर्शन एवं सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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