पिरामिड ई सेवा के कार्यालय में हुई घटना की निंदा और निष्पक्ष जांच की मांग**

जालंधर: 1 सितंबर 2026 को Pyramid-e-Services के कार्यालय में लगभग 200 लोगों की भीड़ आई। बयान के अनुसार, इस भीड़ का नेतृत्व जतिंदर सिंह कर रहे थे। आरोप है कि कुछ लोगों ने बिना सही तथ्यों की जानकारी लिए संगठन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्यालय में दबाव एवं डर का माहौल बनाया।
बयान में कहा गया है कि भीड़ ने संगठन के कर्मचारी **श्री संजीव के साथ मारपीट की**, कार्यालय की संपत्ति और सामान को नुकसान पहुंचाया तथा कुछ सामान चोरी भी किया। Pyramid-e-Services का कहना है कि किसी भी विवाद या विरोध के नाम पर इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है और घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
Pyramid-e-Services पिछले **20 वर्षों से अधिक समय से Immigration/Study Abroad Consultancy** के क्षेत्र में काम कर रही है। संगठन का कहना है कि उसने अपनी नीतियों और प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखी है तथा अपने काम को निर्धारित नियमों और पेशेवर मानकों के अनुसार संचालित किया है।
बयान में **श्री नवनीत कुमार** के संबंध में कहा गया है कि रिकॉर्ड के अनुसार, 18 जून 2025 को Pyramid की टीम ने संबंधित ग्राहक को स्पष्ट रूप से बताया था कि उनके द्वारा दिखाए गए **funds का verification नहीं हो पा रहा था** और इस संबंध में आवश्यक स्पष्टीकरण/आगे के निर्देश मांगे गए थे। इसके बावजूद, 19 जून 2025 को संबंधित ग्राहक ने ई-मेल के माध्यम से Pyramid-e-Services से मामले को आगे बढ़ाने के लिए कहा था।
इसलिए संगठन का आरोप है कि वर्तमान विरोध प्रदर्शन में इस महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर या एकतरफा तरीके से प्रस्तुत करके जनता को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
बयान में यह भी स्पष्ट किया गया है कि **श्री नवनीत कुमार के अलावा Pyramid-e-Services का कोई अन्य ग्राहक इस कथित विवाद का पक्षकार नहीं था।** संगठन को आशंका है कि कुछ लोगों ने आपसी मिलीभगत या साजिश के माध्यम से संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
Pyramid-e-Services का कहना है कि वह किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि का समर्थन नहीं करती। कार्यालय में जबरन घुसना, कर्मचारियों के साथ मारपीट करना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, सामान चोरी करना, कर्मचारियों को धमकाना या संगठन के खिलाफ जानबूझकर झूठी/मानहानिकारक सामग्री फैलाना कानून के अनुसार कार्रवाई योग्य है।
संगठन ने सक्षम अधिकारियों से अनुरोध किया है कि:
* घटना से संबंधित **CCTV फुटेज और अन्य सबूत सुरक्षित रखे जाएं।**
* घटना में शामिल जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए।
* निष्पक्ष जांच की जाए।
* दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
अंत में संगठन ने कहा है कि यह स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया गया है ताकि जनता को **वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके** और एकतरफा आरोपों या बिना तथ्यों के आयोजित प्रदर्शन के कारण जनता गुमराह न हो।
संगठन ने मीडिया संस्थानों से भी अनुरोध किया है कि किसी भी निष्कर्ष या खबर को प्रकाशित/प्रसारित करने से पहले **Pyramid-e-Services का पक्ष भी लिया जाए**, तथ्यों की जांच की जाए और जिम्मेदार पत्रकारिता के मानकों का पालन किया जाए।
**जारीकर्ता:**
श्री सौरभ कुमार गुप्ता, अधिवक्ता
अधिवक्ता, M/s Pyramid-e-Services



