
आईएमए ने डॉ. लाल पैथलैब्स के सहयोग से सीएमई आयोजित की

जालंधर। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) जालंधर इकाई ने डॉ. लाल पैथलैब्स के सहयोग से शहर के एक होटल में सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईएमए जालंधर के अध्यक्ष डॉ. धीरज भाटिया ने की। मंच संचालन आईएमए के मानद सचिव डॉ. जी.एस. परमार ने कुशलतापूर्वक किया।
सीएमई में डॉ. अजय गुप्ता, टेक्निकल डायरेक्टर, डॉ. लाल पैथलैब्स तथा डॉ. निम्मी कंसल ने बतौर मुख्य वक्ता भाग लिया और उपस्थित चिकित्सकों के साथ महत्वपूर्ण चिकित्सा जानकारी एवं नवीनतम जांच तकनीकों से संबंधित अपने अनुभव साझा किए।
डॉ. अजय गुप्ता ने “Autoimmunity Unmasked: New Frontiers in Diagnosis and Disease Monitoring” विषय पर व्याख्यान देते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद ऑटोइम्यून बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि इस वृद्धि का सीधा संबंध कोविड-19 वायरस से है या कोविड वैक्सीनेशन से।
उन्होंने बताया कि लंबे समय तक हल्का बुखार रहना, जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते, बिना अधिक मेहनत के भी लगातार थकान महसूस होना तथा बीमारी का सही निदान करने में कठिनाई जैसे लक्षण ऑटोइम्यून बीमारी की ओर संकेत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. लाल पैथलैब्स में उपलब्ध उन्नत डायग्नोस्टिक तकनीक इन बीमारियों की सटीक पहचान करने में सहायक है और कई जांचों के परिणाम एक दिन के भीतर उपलब्ध हो सकते हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि ऑटोइम्यून बीमारियां पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक पाई जाती हैं। अब इनके मामले युवाओं, बच्चों और यहां तक कि नवजात शिशुओं में भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं में मौजूद कुछ ऑटोइम्यून एंटीबॉडी शिशु तक पहुंच सकती हैं, इसलिए गर्भावस्था के दौरान उचित जांच का विशेष महत्व है।
दूसरे वक्ता डॉ. निम्मी कंसल ने “Complement System: The Missing Link in Immune-Mediated Disorders” विषय पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि प्रयोगशाला द्वारा हाल ही में कम्प्लीमेंट टेस्टिंग की सुविधा शुरू की गई है, जो SLE, ल्यूपस नेफ्राइटिस, किडनी डैमेज और एंड-स्टेज रीनल डिजीज (ESRD) जैसी गंभीर बीमारियों के समय पर निदान और निगरानी में उपयोगी हो सकती है।
सीएमई में शामिल चिकित्सक
कार्यक्रम में डॉ. नवजोत दहिया, डॉ. जैस्मिन कौर दहिया (वाइस चेयरमैन, पीएमसी), डॉ. मोनिका भाटिया, डॉ. राजेश सचर, डॉ. पवन गुप्ता, डॉ. राजीव सूद, डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. सुनील शर्मा, डॉ. राजिंदर मागो, डॉ. एस.एस. नंगल, डॉ. नरेश बाथला, डॉ. निधि मल्होत्रा, डॉ. गुरदेव चौधरी, डॉ. विकास सूद, डॉ. अमित वर्मा, डॉ. अलोक जी. लालवानी, डॉ. राजेश्वरी, डॉ. तरुण अग्रवाल, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. तुषार अरोड़ा सहित अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे।



