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एनआईटी जालंधर में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान एवं विद्यार्थी प्रतियोगिताओं का आयोजन डॉ. बी. आर. अंबेडकर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान

जालंधर में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक राष्ट्रीय विषय “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” के अंतर्गत सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है।
पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक आचरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सेमिनार हॉल में “भ्रष्टाचार-मुक्त भारत के लिए सतर्कता: युवाओं की शक्ति और सत्यनिष्ठा” विषय पर एक विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम एनआईटी जालंधर के मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ), डॉ. एस. एस. संधू के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर पंजाब के सहकारिता विभाग के सेवानिवृत्त पी.सी.एस. अधिकारी एवं जालंधर लोक अदालत के पूर्व अध्यक्ष श्री इंदर राज सिंह बैंस ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और जवाबदेही भ्रष्टाचार-मुक्त समाज के आधारस्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने तथा भ्रष्ट आचरण को अस्वीकार करने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस विशेषज्ञ व्याख्यान में संस्थान के विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की तथा सतर्कता, प्रशासनिक नैतिकता और भ्रष्टाचार की रोकथाम में व्यक्तिगत जिम्मेदारी के महत्व के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद कुमार कनौजिया ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि ईमानदारी और पारदर्शिता एक जिम्मेदार समाज के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों को अपनाने और अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से नैतिक शासन व्यवस्था तथा भ्रष्टाचार की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
इस कार्यक्रम ने सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रति एनआईटी जालंधर की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया। साथ ही, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को अपने शैक्षणिक, व्यावसायिक तथा व्यक्तिगत जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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