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डीएवीआईईटी में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित

डीएवी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (डीएवीआईईटी), जालंधर के बिजनेस मैनेजमेंट विभाग द्वारा 23 अक्टूबर 2026 को प्रातः 11 बजे सेमिनार हॉल में “ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी: डिजिटल युग को आकार देने वाले अनुप्रयोग” विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश के स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के प्रोफेसर डॉ. संजीव गुप्ता मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 100 विद्यार्थियों और 13 संकाय सदस्यों ने भाग लिया। व्याख्यान का उद्देश्य विद्यार्थियों को ब्लॉकचेन तकनीक की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता से परिचित कराना था।
सत्र के दौरान ब्लॉकचेन की संरचना, लेन-देन प्रक्रिया, SHA-256 हैशिंग, क्रिप्टोकरेंसी तथा ब्लॉकचेन के विभिन्न प्रकारों पर चर्चा की गई। बैंकिंग, वित्त, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, शिक्षा, रियल एस्टेट, दूरसंचार और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में इसके अनुप्रयोगों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। वित्तीय प्रौद्योगिकी और आपूर्ति श्रृंखला से संबंधित उदाहरणों ने विद्यार्थियों को सुरक्षित लेन-देन, पारदर्शिता और सूचनाओं के विश्वसनीय प्रबंधन में ब्लॉकचेन की भूमिका समझने में सहायता की। इसके साथ ही, इस क्षेत्र में उपलब्ध करियर और कौशल विकास की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया।
डॉ. अनिल सोनी, विभागाध्यक्ष, बिजनेस मैनेजमेंट विभाग ने मुख्य वक्ता का स्वागत किया। उन्होंने वित्त, विपणन तथा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में ब्लॉकचेन तकनीक की बढ़ती प्रासंगिकता पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि यह तकनीक पारदर्शिता, सुरक्षित रिकॉर्ड प्रबंधन और सूचनाओं के प्रभावी आदान-प्रदान को बढ़ावा दे सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वे बदलते व्यावसायिक परिवेश की मांगों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
डॉ. संजीव गुप्ता, प्रोफेसर, स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश ने ब्लॉकचेन तकनीक की मूल अवधारणाओं और कार्यप्रणाली को समझाया। दृश्य प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने ब्लॉकचेन संरचना, लेन-देन प्रक्रिया, SHA-256 हैशिंग, क्रिप्टोकरेंसी और इसके विभिन्न प्रकारों पर जानकारी दी। उन्होंने वित्तीय प्रौद्योगिकी तथा आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से इसके व्यावहारिक उपयोग स्पष्ट किए। उन्होंने बैंकिंग, वित्त, शिक्षा, रियल एस्टेट, एयरोस्पेस और दूरसंचार में ब्लॉकचेन की संभावनाओं पर भी चर्चा की। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए तकनीकी अनुप्रयोगों और करियर की संभावनाओं से जुड़े प्रश्न पूछे।
डॉ. संदीप विज, डायरेक्टर-कम-प्रिंसिपल ने डॉ. संजीव गुप्ता का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल परिवर्तन के दौर में तकनीकी समझ व्यावसायिक शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को व्याख्यान में सक्रिय भागीदारी करने, प्रश्न पूछने और विषय से जुड़ी जटिलताओं को स्पष्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि अनुभवी शिक्षाविदों के साथ संवाद विद्यार्थियों को कक्षा में अर्जित ज्ञान को उद्योग की बदलती कार्यप्रणालियों से जोड़ने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कार्यक्रम के आयोजन में योगदान देने वाले संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों की तकनीकी जागरूकता, विश्लेषणात्मक क्षमता और व्यावसायिक तैयारी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ संस्थान में निरंतर सीखने और अकादमिक सहभागिता की संस्कृति को बढ़ावा देंगे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। डॉ. सुमन टंडन, एसोसिएट प्रोफेसर, बिजनेस मैनेजमेंट विभाग ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में भाग लेने वाले संकाय सदस्यों में डॉ. अनिल सोनी, डॉ. रितु सहगल, डॉ. अंजू शर्मा, डॉ. कोनिका आहूजा, श्री करणजीत सिंह, सुश्री रवनीत कौर, सुश्री आशिमा शर्मा, सुश्री ईशा सहगल, सुश्री काश्वी मैध, सुश्री प्रियंका सेठ, सुश्री मिन्नी गैंड और सुश्री आरती शामिल रहे।
इस विशेषज्ञ व्याख्यान से विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों को ब्लॉकचेन की संरचना, सुरक्षा, विकेंद्रीकरण तथा व्यावहारिक उपयोगों की बेहतर समझ प्राप्त हुई। कार्यक्रम ने डिजिटल लेन-देन, व्यावसायिक नवाचार, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता और भविष्य के करियर अवसरों में इस तकनीक की उपयोगिता को रेखांकित किया। यह पहल उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने और विद्यार्थियों को उभरती तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में डीएवीआईईटी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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