

होशियारपुर, 17 अक्टूबर: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार की पहल पर ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat), ब्लॉक होशियारपुर-1 के सहयोग से रयात बहरा प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (आरबीपीयू), होशियारपुर के एनएसएस विंग द्वारा ‘नशा मुक्त युवा’ थीम पर ब्लॉक स्तरीय ‘नेबरहुड यूथ पार्लियामेंट 2026–27’ का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के बढ़ते प्रकोप के प्रति जागरूक करना और उन्हें एक स्वस्थ व नशा मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करना था।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘माई भारत’ होशियारपुर की उप-निदेशक सुश्री जसलीन कौर ने ‘माई भारत’ पोर्टल की रूपरेखा, उद्देश्यों, विशेषताओं और युवाओं के नेतृत्व विकास व सामुदायिक भागीदारी से जुड़े अवसरों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
ज्ञान सत्र के दौरान ‘अंडरस्टैंडिंग सब्सटेंस एब्यूज: चैलेंजेस बिफोर इंडियाज यूथ’ विषय पर स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग एंड इंजीनियरिंग के डीन डॉ. गुरजीत सिंह ने विचार रखे। उन्होंने नशे के कारणों, विभिन्न प्रकार के व्यसनों तथा इसके शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने रेखांकित किया कि नशाखोरी भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश (Demographic Dividend) और ‘विकसित भारत’ के संकल्प के मार्ग में एक बड़ी चुनौती है।
इसके बाद यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ साइंसेज की डीन डॉ. ज्योत्सना ने ‘फ्रॉम अवेयरनेस टू एक्शन: टूल्स फॉर अ नशा मुक्त युवा’ विषय पर इंटरएक्टिव सत्र आयोजित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को केवल जागरूकता तक सीमित न रहकर ठोस कदम उठाने, साथियों को जागरूक करने और प्रभावित लोगों की मदद कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के एक अहम चरण में ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को ‘नशा मुक्त भारत’ की सामूहिक शपथ दिलाई। सभी ने नशे से दूर रहने और नशा मुक्त भारत के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
इस आयोजन में यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ साइंसेज और एमएलएस के लगभग 200 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सुश्री जसलीन कौर द्वारा दिए गए प्रेरक संदेश के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने युवा सशक्तिकरण और सामूहिक जिम्मेदारी को नशा मुक्त भारत के लिए अनिवार्य बताया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ज्योत्सना (डीन, यूएसएस एवं एनएसएस समन्वयक, आरबीपीयू) द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।



